सूर्यग्रहण और बढाएगा परेशानी, गंभीर बन रहे हैं हालात, सावधान रहें... - Khulasa Online

सूर्यग्रहण और बढाएगा परेशानी, गंभीर बन रहे हैं हालात, सावधान रहें…

  • जयपुर। रविवार को होने वाले सूर्य ग्रहण से पहले हालात अच्छे नहीं हैं। इसे ग्रहण के प्रभाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है। दरअसल रविवार को आने वाले चूडामणि सूर्यग्रहण के दौरान भारत और पड़ोसी देशों के लिए हालात अच्छे नहीं हैं। पडोसी देशों में तो राजयुद्ध जैसे स्थितियां उत्पन्न हो रही हैं और वहीं देश में भूकंप, बेहद तेज बारिश और गंभीर बीमारियों के योग हैं। गौरतलब है कि ग्रहण का बेहद गंभीर प्रभाव ग्रहण के एक महीने शुरु होने से लेकर एक महीने बाद तक रह सकता है। इस दौरान सावधानी बरतने की जरुरत है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि 26 दिसम्बर के सूर्यग्रहण के समय जो छह ग्रह शांत थे वही छहों ग्रह अब वक्री यानि क्रोध में हैं, इस कारण गंभीरता जरुरी है। इन देशों में दिखाई देगा ग्रहण, चार राशियों के लिए अशुभ है ग्रहण ज्योतिषाचार्य राजकुमार चतुर्वेदी ने बताया कि 21 जून को आषाढ़ मास की अमावस्या, मृगशिरा और आर्द्रा नक्षत्र, मिथुन राशि में होने वाले इस सूर्य ग्रहण को 12 मिनट से अधिक नहीं देखा जा सकेगा। यह ग्रहण भारत, बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका के कुछ शहरों में दिखाई देगा। यह ग्रहण उत्तरी राजस्थान, पंजाब, उत्तरी हरियाणा, उत्तराखंड के कुछ भागों में कंकणाकृति तथा शेष भारत में खंड ग्रास के रूप में दिखाई देगा। इस ग्रहण का स्पर्श (प्रारंभ) सुबह 10.14 बजे, मध्य 11.51 बजे और मोक्ष (समाप्ति) दोपहर 01.42 बजे पर होगा। ग्रहण का सूतक 20 जून शनिवार की रात्रि मे 10.10 बजे से प्रारंभ होगा। विभिन्न राशियों पर ग्रहण का प्रभाव रहेगा। मेष, सिंह, कन्या और मकर राशि के लिए यह ग्रहण शुभ है। वहीं मिथुन, कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के लिए यह ग्रहण अशुभ है। वृषभ, तुला, धनु और कुम्भ राशि के लिए मिला जुला इस ग्रहण का प्रभाव रहेगा। मधुर नहीं होंगे पड़ोसियों से संबध, आपदाओं से गुजरना होगा बंशीधर पंचाग अनुसार ग्रहण अच्छे फल देने वाला साबित नहीं होगा। हमारे पड़ोसी परेशान करेंगे लंबे समय तक। आषाढ मास में रविवार को सूर्य ग्रहण होने से कहीं अतिवृष्टि से तो कहीं अनावृष्टि से कृषि में गंभीर हानी होगी। जनता में रोग पीडा और सब कुछ गंवाने जैसा अदृश्य भय बना रहेगा। वहीं हमारे पड़ोसी पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन अन्य पड़ोसी देशों में गंभीर हालातों से जनजीवन प्रभावित होगा। फल, फूलों के उत्पादन के साथ ही गायों के दूध में भी कमी आएगी। वहीं गेंहूं, चावल, मूंग, तिलहन, घी, तेल का संग्रह करने वालों को लाभ हो सकता है। इस तरह कम किया जा सकता है ग्रहण का प्रभाव पंडित संतोष शर्मा ने बताया कि हिंदू धर्म के मतानुसार सूर्य ग्रहण का प्रभाव शुभ नहीं माना जाता है। जिन नक्षत्र और राशि वाले जातकों के लिए ग्रहण दर्शन वर्जित है। उन्हें अपने इष्ट देव की आराधना,गुरू मंत्र का जाप व धार्मिक ग्रंथ का पठन और मनन करना चाहिए तथा सामान्य दिन से कई गुना ज्यादा फलदायी है। इस लिए सभी को चंद्र ग्रहण व सूर्य ग्रहण के दिन अधिक से अधिक दान- पुण्य करना चाहिए। जिसमें साधु– संतों के साथ ब्राह्मणों व गरीबों को भोजन कराकार वस्त्र दान कर गायों को हरा चारा खिलाना चाहिए और पक्षियों को दाना डालने के साथ परिंड़े लगाएं,पीपल को जल चढ़ाएं। जिससे विशेष लाभ मिलता है और भगवान श्री विष्णु की कृपा अपने भक्तों पर हमेशा बनी रहती है और लाभ मिलता है।
error: Content is protected !!
Join Whatsapp