सचिन पायलट 2023 चुनाव में सीएम फेस हो सकते हैं; चुनावी राज्य की जिम्मेदारी मिलेगी, राजस्थान नहीं छोड़ेंगे

जयपुर। राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार में करीब 3 साल बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल हो रहा है। इसके बाद अब सचिन पायलट की भूमिका पर फैसला होगा। पायलट समर्थकों को मंत्रिमंडल में जगह मिल चुकी है। कुछ को राजनीतिक नियुक्तियों में जगह मिलेगी, यह भी तय हो चुका है। सचिन पायलट को फिलहाल राजस्थान में पद देने की जगह राष्ट्रीय महासचिव बनाकर किसी राज्य का प्रभारी बनाया जा सकता है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से पायलट की मुलाकात में इस पर फैसला हो चुका है। बताया जाता है कि सचिन पायलट दूसरे राज्य का प्रभारी बनने के बाद भी राजस्थान में सक्रिय रहेंगे। पायलट खुद कह चुके हैं कि हाईकमान जो जिम्मेदारी देगा, उसके लिए वह तैयार हैं। इस बयान के बाद साफ है कि पायलट को चुनावी राज्यों में स्टार प्रचारक बनाने के साथ किसी राज्य के प्रभारी की भी जिम्मेदारी दी जाएगी। सचिन पायलट की प्राथमिकता पहले अपने कैंप के विधायकों और समर्थक नेताओं को सत्ता-संगठन में पद दिलाने की थी। पायलट की खुद की भूमिका पर फैसला हो चुका है। उन्हें अगले कुछ दिनों में संगठन में पद दिया जाएगा। पायलट बोले: पार्टी जो निर्देश देगी, वह काम करेंगे खुद की भूमिका के सवाल पर पायलट ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने मुझे जो भी जिम्मेदारी दी है, मैंने पूरी ताकत से निभाई है। आने वाले समय में पार्टी मुझे जो निर्देश देगी, मुझे जहां भी काम देगी, वहां काम करेंगे। राजस्थान में 2023 में सरकार हम बनाएंगे। आज हम सबको मिलकर ऑल इंडिया लेवल पर और राजस्थान के लेवल पर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के लिए काम करना पड़ेगा। सिफारिशों के आधार पर शेयरिंग फॉर्मूला कांग्रेस सरकार बने दिसंबर में 3 साल होने जा रहे हैं। सरकार बनने के साथ ही अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच सत्ता संतुलन को लेकर काफी रस्साकशी की स्थिति रही। पिछले साल जुलाई में पहले पायलट गुट के बगावती तेवर के कारण सरकार पर बड़ा संकट भी आ गया। अगस्त में पायलट कैंप की मांगों के लिए कांग्रेस हाईकमान ने सुलह कमेटी बनाई। सुलह कमेटी हाईकमान को रिपोर्ट दे चुकी है। पायलट सहित उनके कैंप के लोग लगातार मुखर होकर सुलह कमेटी के सामने तय मुद्दों के समाधान की मांग कर रहे थे। अब उन मांगों के पूरा होने के आसार हैं। पायलट कैंप की मानी, संगठन में जिम्मेदारी पायलट कैंप की ओर से चर्चाएं थी कि 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें सीएम फेस बनाया जाएगा। इस पर हाईकमान से उनका समझौता हो चुका है। पायलट को किसी राज्य का प्रभारी बनाया जा सकता है, लेकिन वे राजस्थान में भी लगातार सक्रिय रहेंगे। अशोक गहलोत भी पहले दो बार ऐसा कर चुके हैंं। ऐसे में पायलट को राष्ट्रीय महासचिव का पद देकर उत्तरप्रदेश या किसी चुनावी राज्य में प्रभारी की जिम्मेदारी दी जा सकती है। पायलट को प्रियंका गांधी के सहयोग के लिए राजी किया गया है।

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