रिश्ते हुए शर्मसार: बाप नेे बेटी के साथ की अश्लील हरकत

नागौर। तीन साल पहले एक पिता के अपनी नाबालिग बेटी के साथ अश्लील हरकत करने के मामले में मंगलवार को मेड़ता स्थित पॉक्सो एक्ट कोर्ट की विशिष्ठ न्यायाधीश रेखा राठौड़ ने सुनवाई की। दोनों पक्षों के एडवोकेट की बहस और गवाह के बयान सुनने के बाद उन्होंने पिता को दोषी मानते हुए तीन साल की जेल क ी सजा सुनाई, लेकिन आरोपी पिता को सजा दिलाने के लिए मां को काफी संघर्ष करना पड़ा। ससुराल से लेकर पीहर पक्ष में लंबी लड़ाई लडऩी पड़ी। जब 12 साल की बेटी ने मां को हकीकत बताई तो वो ये सब सुनकर सन्न रह गईं। मां ने पिता की घिनौनी करतूत को परिवार के सामने लाने की हिम्मत की। परिवार में भी पीडि़ता की मां को धमकाया गया। यहां तक उसे कमरे में बंद रखा, लेकिन जब उसे मौका मिला तो वो सीधे थाने पहुंची और आरोपी पिता के खिलाफ मामला दर्ज कराया। अपर लोक अभियोजक रुस्तम अली बेहलीम ने बताया कि मेड़ता सिटी थाना क्षेत्र निवासी एक महिला ने 30 अगस्त 2018 को रिपोर्ट दी थी। महिला ने रिपोर्ट में बताया कि 12 साल की नाबालिग बेटी के साथ उसके पिता ने अश्लील हरकतें कीं। उसे 50 रुपए का लालच दिया गया। इसके बाद वह उससे गंदी हरकत क रने लगा।परिवार को बात बताने पर उसे चुप रहने की धमकी दी गई, लेकिन वो नहीं मानी तो सभी ने मिलकर सामूहिक पंचायती की और पंचायती के दौरान उसके पति ने उसे 500 रुपए के स्टांप पर माफीनामा लिखकर दिया। इसके बाद वह अपने पीहर महाराष्ट्र चली गई। दोबारा आई तो पति परेशान करने लगा। इसके बाद वो थाने पहुंची और मामला दर्ज करवाया। परिवार के लोगों ने धमकाया, पति ने माफीनामा दिया, लिखा- गलती हो गई महिला ने कहा कि जब उसने परिवार को बताया तो पिता को सजा दिलाने के बजाय महिला को धमकाने लगे। कई दिनों तक उसे कमरे में बंद रखा। ससुराल वालों ने धमकाया भी। महिला ने पुलिस को दी। रिपोर्ट में बताया था कि उसके पति ने स्टांप पेपर पर माफीनामा लिखकर कहा कि उससे बेटी के साथ गलत हरकत हो गई थी और अपनी गलती मानता हूं। आइंदा से अपनी बेटी के साथ दोबारा ऐसा नहीं करूंगा। पति ने उसे 7 हजार रुपए मासिक भरण पोषण देने की बात भी स्टांप पेपर में लिखी। महिला ने बेटी समेत पति से अलग रहने की बात कही। इस पर सभी मान गए। इसके बाद महिला 15 दिन के लिए अपनी बेटी और बेटे को लेकर पीहर महाराष्ट्र चली गई। वापस लौटी तो पति साथ रहने की जिद करने लगा महिला जब अपने पीहर से वापस मेड़ता लौटी तो पति दोबारा उसके घर आ धमका और जबरदस्ती उसके साथ रहने की जिद करने लगा। जब उसे स्टांप पेपर के बारे में कहा तो वो साफ ही मुकर गया। इस पर परेशान होकर महिला ने मेड़ता थाने में पहुंचकर मामला दर्ज कराया था। इसके बाद मामले में जांच करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में मेड़ता जेल भेजा गया था। अब मामले की पोक्सो कोर्ट की विशिष्ठ न्यायाधीश रेखा राठौड़ ने सुनवाई की। दोनों पक्षों के वकीलों की बहस और गवाहों के बयान सुनने के बाद उन्होंने पिता को दोषी मानते हुए 3 साल जेल और 250 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

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