कोरोना की बूस्टर डोज लगाने की तैयारी, सीरो सर्वे के जरिये जांची जा रही है एंटीबॉडी

जयपुर। राजस्थान में कोरोना एंटीबॉडी जांचने के बाद बूस्टर डोज लगाया जा सकता है. राजस्थान में फिलहाल अलग अलग चार श्रेणियों के लोगों में एंटीबॉडी जांचने के लिए सीरो सर्वे किया जा रहा है। हालांकि सीरो सर्विलांस के फाइनल रिजल्ट आने में अभी तीन से चार सप्ताह का समय लग सकता है। लेकिन पूरे परिणाम आने के बाद बूस्टर डोज को लेकर सरकार को इनपुट दिया जाएगा। विशेषज्ञ हैल्थ वर्कर, सीनियर सिटीजन और विभिन्न बीमारियों से ग्रसित मरीजों को बूस्टर डोज लगाने के संकेत दे रहे हैं। राजस्थान में कोरोना वैक्सीनेशन तेजी से जारी है। इस बीच प्रदेश सरकार ने सब कुछ अनलॉक कर दिया गया है। लेकिन पिछले एक सप्ताह में ही कोरोना कई नए मामले सामने आ चुके हैं। खास बात यह है कि इनमें से कुछ ऐसे पॉजिटिव मरीज सामने आये हैं जिनको वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है। इस बीच बूस्टर डोज को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। बूस्टर डोज लगाने को लेकर प्रोटोकॉल तय किया जाएगा राजस्थान में कोरोना की एंटीबॉडी को जांचने के लिए सीरो सर्विलांस किया जा रहा है। इस सीरो सर्विलांस के शुरुआती परिणाम भी सामने आए हैं। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.सुधीर भंडारी ने बताया कि शुरुआती परिणामों में कुछ लोगों में पहली डोज के बाद ही हाई एंटीबॉडी बनी है। जबकी कुछ लोगों में दोनों डोज के बाद भी लो एंटी बॉडी बनी है. उन्होंने बताया कि सीरो सर्विलांस का पूरा डेटा आने के बाद विश्लेषण किया जाएगा। परिणामों के विश्लेषण के बाद हैल्थ वर्कर, बुजुर्ग और विभिन्न बीमारियों से ग्रसित मरीजों और जिनमें एंटीबॉडी लो है ऐसे लोगों को बूस्टर डोज लगाने को लेकर प्रोटोकॉल तय किया जाएगा। सर्विलांस को चार श्रेणियों में बांटा  सीरो सर्विलांस एसएमएस मेडिकल कॉलेज की निगरानी में प्रदेशभर में किया जा रहा है। इस सर्विलांस को चार श्रेणियों में बांटा गया है. इनमें वैक्सीन के दोनों डोज लगे हुए लोग,अलग अलग वैक्सीन का स्टेट्स, कोविड के साथ वैक्सीन लगाने वाले लोग,कोरोना पॉजिटिव हो चुके लेकिन वैक्सीन नहीं लगाने वाले लोग शामिल हैं. उन सभी के सेम्पल सर्वे लेकर एंटीबॉडी को लेकर जांच की जा रही है। कोरोना गाइडलाइन को लेकर लापरवाह हुये लोग डॉ.सुधीर भंडारी ने बताया कि दुनिया के 36 देशों में बूस्टर डोज लगाए जा रहे हैं. कोरोना अभी कंट्रोल में है। लेकिन बाजारों में और समारोह में लोगों की भारी भीड़ उमडऩे लगी है। इसके साथ ही अब लोग भी कोरोना गाइडलाइन को लेकर लापरवाह होते नजर आ रहे हैं। ऐसे में देखना होगा की सीरो सर्विलांस के परिणाम किस प्रकार के आते हैं। उसी से तय होगा की बूस्टर डोज लगवाने की जरुरत है या नहीं।

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