पीबीएम में आईपीएस बेटे द्वारा मारपीट के मामले में नर्सिगकर्मी हुए लामबंद - Khulasa Online

पीबीएम में आईपीएस बेटे द्वारा मारपीट के मामले में नर्सिगकर्मी हुए लामबंद

बीकानेर। पीबीएम अस्पताल में महिला-पुरुष नर्सिंगकर्मी के साथ मारपीट मामले में जिलेभर के नर्सिंगकर्मी लामबद हो रहे हैं। नर्सिंगकर्मियों के साथ मारपीट मामले में आरोपी एक आईपीएस अधिकारी का बेटा होने के कारण पुलिस गंभीरता नहीं बरत रही है, जिसके चलते नर्सेज में आक्रोश पनप रहा है। नर्सेज इस बार आर-पार की लड़ाई लडऩे के मूड में है। नर्सेज नेताओं ने गुरुवार को पुलिस की कार्यप्रणाली के मद्देनजर आपात बैठक बुलाई, जिसमें शुक्रवार को सभी संगठनों की सामूहिक बैठक बुलाकर आगामी आंदोलन की रणनीति तय करने का फैसला लिया है। वहीं दूसरी ओर नर्सेज के दबाव के कारण पुलिस ने गुरुवार को जांच शुरू की। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया। पीडि़त महिला नर्सिंगकर्मी सुमन व तेजपाल के बयान लिए हैं। नर्सिंग ने की बैठक, आज लेंगे महत्त्वपूर्ण निर्णय संयुक्त नर्सेज संघर्ष समिति के नेतृत्व में नर्सिंग कर्मचारियों ने गुरुवार को मीटिंग की, जिसमें अब तक पुलिस की ओर से कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं करने पर विरोध जताया गया। नर्सिग कर्मचारियों ने कहा कि मारपीट प्रकरण में नर्सेज की ओर से दिए गए तय समय की सीमा शुक्रवार शाम को खत्म हो रही है। इसके बाद नर्सेज आंदोलन को उग्र करेगी। आंदोलन की आगामी रणनीति तय करने के लिए सभी नर्सेज कर्मचारियों की नर्सिंग क्लास रूम में बैठक बुलाई गई है। बैठक में सुशील यादव, महेश मेघवाल, श्रवणकुमार वर्मा, धन्नाराम नैण, राकेश बिश्नोई, रवि आचार्य, रमजान तंवर, राकेश कड़वासरा, महिपाल चौधरी, सतीश कुमार, सुनील सेन, तेजपाल व सुमन आदि शामिल थे। राजस्थान राज्य नर्सेज एसोसिएशन (एकीकृत) राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष राजेन्द्र राणा ने गुरुवार को जयुपर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री से मूलाकात की, उन्होंने पीबीएम में हुए घटनाक्रम की जानकारी दी। चिकित्सा मंत्री ने निष्पक्ष व उचित कार्रवाई कराने का भरोसा दिलाया। नर्सिंग कर्मचारियों की शुक्रवार शाम तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं करने पर आंदोलन को तेज करने की चेतावनी से पीबीएम प्रशासन सहमा हुआ है। पीबीएम अधीक्षक डॉ. परमेन्द्र सिरोही का कहना है कि नर्सिंग कर्मचारियों ने संपूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दे रखी है। इसके मद्देनजर वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गई है। बीएससी नर्र्र्सिंग स्टूडेंट को वार्डों में लगाया जाएगा। जूनियर, सीनियर रेजिडेंट के अलावा वरिष्ठ चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इसके अलावा इस पूरे मामले से सरकार को अवगत कराया गया है। पीबीएम अस्पताल के पोस्ट कोविड आईसीयू वार्ड में आईपीएस अधिकारी देवेन्द्र बिश्नोई की माता कृष्णदेवी भर्ती है। यहां उनके परिजन स्टाफ रुम में ठहरे हुए हैं। ऐसे सोमवार रात को कमरा खाली करने की बात पर नर्सिंगकर्मी और मरीज के परिजनों में विवाद हो गया। मरीज के परिजनों का आरोप है कि नर्सिंगकर्मी ने फोन में सोते हुए के फोटो खीचे, जिसका उलाहना देने पर विवाद हुआ। नर्सिंग मारपीट प्रकरण आईपीएस अधिकारी के परिजनों से जुड़ा होने के कारण ढिलाई बरती जा रही है। शुक्रवार को तय समय सीमा खत्म हो रही है। अब आगे आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए सभी नर्सेज की बैठक बुलाई गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई और जांच में पक्षपात किया गया तो कलक्टर से मिलकर जांच दूसरे जिले या अन्य सक्षम अधिकारी से कराने की मांग की जाएगी। धन्नाराम नैण, नर्सेज नेता संयुक्त नर्सेज संघर्ष समिति इतना बवाल होने के बावजूद मरीज कृष्णा देवी के अटेंड का रवैया अभी तक नहीं सुधरा है। स्टाफ रुम तो छोड़ दिया लेकिन वे जबरन स्टाफ का वॉसरूम वगैरह यूज कर रहे हैं। ड्यूटी पर कार्यरत नर्सिंगकर्मियों के साथ व्यवस्था ठीक नहीं कर रहे हैं। वार्ड में ड्यूटी करने वाले कार्मिक अटेंडेंट को लेकर शिकायतें कर रहे हैं। मरीज के अटेंडेंट अपने रसूखात का रौब दिखा रहे हैं। उनका रवैया नहीं सुधरा है। रमजान तंवर, सदस्य संयुक्त नर्सेज संघर्ष समिति
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