खेजड़ी बचाओ महापड़ाव चौथे दिन भी जारी: सरकार का प्रतिनिधि मंडल पहुंचा महापड़ाव स्थल, वार्ता शुरू
खेजड़ी बचाओ महापड़ाव चौथे दिन भी जारी
खेजड़ी बचाओ महापड़ाव चौथे दिन भी जारी, सरकार का प्रतिनिधि मंडल पहुंचा महापड़ाव स्थल, वार्ता शुरू
बीकानेर। खेजड़ी बचाओ महापड़ाव लगातार चौथे दिन भी जारी है। वहीं, तीन दिनों से सैकड़ों पर्यावरण प्रेमी आमरण अनशन पर बैठे हैं। आज अनशन के तीसरे दिन खेजड़ी संरक्षण कानून को लेकर राहत की उम्मीद जगी है, क्योंकि सरकार की ओर से वार्ता के लिए प्रतिनिधि मंडल महापड़ाव स्थल पर पहुंच गया है। सरकार की ओर से भेजे गए प्रतिनिधि मंडल में मंत्री के. के. विश्नोई, जसवंत विश्नोई, विधायक पब्बाराम विश्नोई और प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी विश्नोई शामिल हैं। प्रतिनिधि मंडल के पहुंचते ही संघर्ष समिति के साथ बातचीत शुरू हो गई है। महापड़ाव स्थल पर बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी मौजूद हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक और ठोस बातचीत हो, जिससे आंदोलनकारियों को राहत मिल सके।
संत स्वामी सच्चिदानंद की तबीयत बिगड़ी
इसी बीच आंदोलन से जुड़ी चिंता की खबर भी सामने आई है। अनशन के दौरान संत स्वामी सच्चिदानंद की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्थायी अस्पताल ले जाया गया। वहां उनके स्वास्थ्य की जांच की जा रही है।
करीब 500 लोग अन्न-जल त्यागकर अनशन पर
आज महापड़ाव का चौथा दिन और अनशन का तीसरा दिन है। करीब 500 पर्यावरण प्रेमी अन्न और जल त्यागकर खेजड़ी के लिए कठोर और प्रभावी कानून की मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का साफ कहना है—
“हमें हमारी खेजड़ी के संरक्षण के लिए कानून चाहिए।”
महापड़ाव को लगातार विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है, जिससे आंदोलन को और मजबूती मिली है।
आंखों पर पट्टी बांधकर बैठे आंदोलनकारी
अनशन स्थल पर पर्यावरण प्रेमी आंखों पर पट्टी बांधकर बैठे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्णय होने तक पट्टी नहीं खोलेंगे। आंदोलन के नेतृत्वकर्ताओं ने दो टूक कहा है कि मांगों पर ठोस फैसला होने तक आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।
अन्य स्थानों पर भी शुरू हुआ प्रदर्शन
महापड़ाव स्थल से दिए गए आह्वान के बाद अब देशभर के अलग-अलग क्षेत्रों में भी खेजड़ी बचाओ आंदोलन की गूंज सुनाई देने लगी है। बॉर्डर क्षेत्रों सहित कई जगहों पर प्रदर्शन, अनशन और ज्ञापन दिए जाने की खबरें सामने आ रही हैं। अब सबकी निगाहें सरकार और आंदोलनकारियों के बीच चल रही वार्ता पर टिकी हैं, जिससे आने वाले समय में खेजड़ी संरक्षण को लेकर कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय सामने आने की उम्मीद है।
डेढ़ हजार जवान तैनात, पुलिस की कड़ी निगरानी
स्थिति को देखते हुए कलेक्ट्रेट और बिश्नोई धर्मशाला के बाहर करीब डेढ़ हजार पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। एसपी कावेंद्र सिंह सागर के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन अलर्ट मोड पर है।