Khulasa Online
Breaking
• ईरान की नौसेना का बड़ा दावा : अमेरिका के सबसे ताकतवर युद्धपोत अब्राहम लिंकन को बनाया निशाना, दागी मिसाइलें • पश्चिम एशिया पर सर्वदलीय बैठक खत्म : सरकार को मिला विपक्ष का साथ, रिजिजू बोले- तेल की कोई कमी नहीं, हालात स्थिर • गैस सिलेंडर बुकिंग नियमों पर सरकार की सफाई, कोई नया बदलाव नहीं, पढ़े खबर • इच्छामृत्यु के बाद हरीश राणा का अंतिम संस्कार, अंगदान से 6 लोगों को मिला नया जीवन • पीएम मोदी बोले - ईरान जंग जारी रही तो गंभीर होंगे नतीजे, आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेगा, टीम इंडिया की तरह करना होगा काम • ईरान की नौसेना का बड़ा दावा : अमेरिका के सबसे ताकतवर युद्धपोत अब्राहम लिंकन को बनाया निशाना, दागी मिसाइलें • पश्चिम एशिया पर सर्वदलीय बैठक खत्म : सरकार को मिला विपक्ष का साथ, रिजिजू बोले- तेल की कोई कमी नहीं, हालात स्थिर • गैस सिलेंडर बुकिंग नियमों पर सरकार की सफाई, कोई नया बदलाव नहीं, पढ़े खबर • इच्छामृत्यु के बाद हरीश राणा का अंतिम संस्कार, अंगदान से 6 लोगों को मिला नया जीवन • पीएम मोदी बोले - ईरान जंग जारी रही तो गंभीर होंगे नतीजे, आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेगा, टीम इंडिया की तरह करना होगा काम
Arham School
sukhajan
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group

बीकानेर: खुद के नाम का डेथ सर्टिफिकेट देख सन्न रह गया युवक, पढ़ें ये खबर

1 month ago
बीकानेर: खुद के नाम का डेथ सर्टिफिकेट देख सन्न रह गया युवक, पढ़ें ये खबर

बीकानेर: खुद के नाम का डेथ सर्टिफिकेट देख सन्न रह गया युवक, पढ़ें ये खबर 

बीकानेर। नगर निगम के डेथ सर्टिफिकेट में एक मृत व्यक्ति एक साल से निगम के ही चक्कर लगा रहा है। वो कह रहा कि मैं जीवित हूं। निगम ने गलत सर्टिफिकेट बना दिया मगर एक साल तक उसका डेथ सर्टिफिकेट सही नहीं हुआ। उसका कहना है कि मृतक तो मेरा भाई है मगर निगम ने भाई की जगह मेरा ही डेथ सर्टिफिकेट बना दिया। जीवित भाई तो अपने मृतक भाई के डेथ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए आवेदन किया था। दूसरी ओर मृतक की पत्नी को एक साल से डेथ सर्टिफिकेट न मिलने से अन्य सरकारी लाभ नहीं मिल पा रहा है। मामला पूगल तहसील के कुम्हारवाला का है। अक्टूबर 2024 में एनुलहक पुत्र अल्लाबख्श की पीबीएम अस्पताल में मौत हो गई। एनुलहक के भाई इनामुलहक ने अपने भाई के डेथ सर्टिफिकेट के लिए नगर निगम में आवेदन किया। करीब 3 महीने बाद इनामुलहक अपने भाई का डेथ सर्टिफिकेट निगम लेने पहुंचा और उसके हाथ में जो सर्टिफिकेट आया तो देखकर सन्न रह गया क्योंकि वो प्रमाण पत्र तो उसके खुद के नाम का था। अब वो एक साल से नगर निगम के चक्कर लगा रहा है कि मृतक एनुलहक है इनामुलहक नहीं। मगर निगम में उसकी सुनवाई नहीं हो रही। कभी उसे किसी के पास भेजा जाता तो कभी किसी और के पास। थक हारकार वो शुक्रवार को निगम उपायुक्त यशपाल आहूजा के सामने पेश हो गया। बोला, साहब ये मेरा डेथ सर्टिफिकेट है और मैं जिंदा हूं। मामला गंभीर होने पर उपायुक्त ने हेल्प सेंटर प्रभारी तो तलब किया है।

हालांकि इस पूरे प्रकरण में इतना कुछ नहीं था कि निगम एक साल में ये छोटी से गलती सुधार ना पाए। सीधे तौर पर ये एक स्पेलिंग मिस्टेक है। क्योंकि एनुलहक और इनामुलहक लगभग मिलते-जुलते नाम है। इनामुलहक सर्टिफिकेट बनाने के लिए आवेदक है तो और निगम कार्मिक ने जल्दबाजी में सही से नाम देखे बिना सर्टिफिकेट बना दिया। हालांकि ​हॉस्पिटल के कागजों में मृतक का नाम सही है, चूक निगम से ही हुई है। मगर चूक होने के बाद सुधार की प्रक्रिया कितनी जटिल है और वह इसमें उलझा हुआ है।  मृतक एनुलहक की पत्नी और एक बच्चे को जो भी मौत के बाद मुआवजे ​आदि मिलने हैं वो नहीं मिल पा रहे। क्योंकि जहां भी मुआवजे के लिए आवेदन किया वहां डेथ सर्टिफिकेट मांग रहे। डेथ सर्टिफिकेट जो बना वो उसके पति की जगह पति के छोटे भाई का बन गया।

BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Tags: #bikaner
Share: