गहलोत मंत्रिपरिषद में नए चेहरों को मिल सकता हैं मौका, ये बन सकते हैं मंत्री

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के संकेतों के बाद मंत्रिपरिषद फेरबदल और विस्तार को लेकर काउंट डाउन तेज है. कौन मंत्री बनेंगे इसे लेकर कांग्रेस के अंदर की सियासत गरमाई हुई है. गहलोत सरकार को नई शेप देने की तैयारी है. फेरबदल और विस्तार की गणित को अमलीजामा पहनाया जा रहा.यहीं कारण सत्ता को बैलेंस करने के लिये मंत्री परिषद में उन चेहरों को लाना होगा जिनके साथ मिलकर पांच साल तक सशक्त सरकार देने का गणित हो. बैलेंस पॉलिटिक्स के तहत सचिन पायलट कैंप से मंत्री लिए जाएंगे. गहलोत मंत्री परिषद के संभावित नये चेहरे: दीपेंद्र सिंह शेखावत: - सचिन पायलट कोटे से मंत्री के लिए नाम - सीनियर राजपूत चेहरे - राज्य की विधानसभा के अध्यक्ष रह चुके हेमाराम चौधरी / बृजेंद्र ओला: - सचिन पायलट कैंप में दोनो नाम शुमार - मालानी के कद्दावर किसान नेता है हेमाराम - विधानसभा में रह चुके नेता प्रतिपक्ष - बृजेंद्र ओला झुंझुनूं से MLA - ओला पिछली गहलोत सरकार में मंत्री रहे थे - इनमे से जो नाम पायलट देंगे उसे मिलेगी मिनिस्ट्री डॉ महेश जोशी: -महेश जोशी के कैबिनेट मंत्री बनने की चर्चाएं -सी एम गहलोत के विश्वस्तों में शुमार -अभी सरकारी मुख्य सचेतक के पद पर है महेश जोशी महेन्द्रजीत सिंह मालवीय: -वागड़ के कद्दावर -बागीदौरा से कांग्रेस विधायक -कांग्रेस के पास इनसे मुकाबले का नेता आदिवासी अंचल में नहीं है - धरियावद उप चुनाव में इन्होंने सेवाएं दी थी -पिछली गहलोत सरकार में मालवीय थे कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र सिंह गुढ़ा: -बसपा से आये चेहरों में सबसे सशक्त नाम है राजेन्द्र गुढ़ा -इनके जरिये कांग्रेस राजपूत कार्ड चलेगी -उदयपुरवाटी से कांग्रेस विधायक है गुढ़ा -गहलोत समर्थक की छवि नरेन्द्र बुढ़ानिया: -बीकानेर संभाग के बड़े जाट लीडर -तारा नगर से कांग्रेस विधायक है बुढानिया -बुढानिया को पहले ही मंत्री बनाने जाने की चर्चा थी -ऐसा पहली बार जब कोई जाट बीकानेर संभाग से मंत्री नहीं -चूरु जिले से मा.भंवर लाल मेघवाल बने थे मंत्री -अब मास्टर भंवर लाल मेघवाल नही है इस दुनिया में -बुढ़ानिया तीन बार लोकसभा और तीन बार राज्यसभा सांसद रह चुके रामलाल जाट: -मेवाड़- मेरवाड़ा से रामलाल जाट आ सकते है -जाट चेहरे के तौर पर चिर-परिचित विकल्प -पहले भी रह चुके गहलोत सरकार में मंत्री हेमाराम चौधरी / बृजेंद्र ओला: - सचिन पायलट कैंप में दोनो नाम शुमार - मालानी के कद्दावर किसान नेता - विधायक पद से दे रखा है इस्तीफा - लेकिन तभी बनेंगे जब हरीश चौधरी हटेंगे ओला पिछली गहलोत सरकार में मंत्री रहे थे जो नाम पायलट देंगे उसे मिलेगी मिनिस्ट्री विश्वेंद्र सिंह: - सचिन पायलट कैंप के साथ मानेसर बाड़ेबंदी में शुमार थी - लेकिन इन दिनों कैंप से नजदीकी - भरतपुर डिविजन के मजबूत जाट चेहरे  राजकुमार शर्मा: - सीएम गहलोत के वफादार - पिछली गहलोत सरकार में भी मंत्री थे - शेखावाटी के युवा ब्राह्मण चेहरे के तौर पर चर्चित गुरमीत सिंह कुन्नर: -गुरमीत सिंह कुन्नर बनाये जा सकते है मंत्री -पिछली गहलोत सरकार में भी रहे थे मंत्री -जट-सिक्ख वर्ग को भी करना बैलेंस संयम लोढ़ा,निर्दलीय विधायक: -सिरोही से निर्दलीय विधायक -संयम लोढ़ा को मंत्री बनाया जा सकता है -इसके पीछे बड़ा कारण है गोड़वाड़ -सिरोही-पाली में कांग्रेस का कोई विधायक नहीं -अगर कोई निर्दलीय बना तो इनका नम्बर संभव महादेव सिंह खंडेला: खंडेला से निर्दलीय विधायक केंद्र सरकार में रह चुके मंत्री शेखावाटी के प्रभावी किसान नेता अशोक गहलोत के कट्टर समर्थक मुरारी लाल मीणा / रमेश मीणा: - दोनो पायलट कैंप में शुमार - रमेश मीणा गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे थे बाड़ेबंदी के दौरान हटाए गए मुरारी लाल मीणा पिछली गहलोत सरकार में राज्य मंत्री थे सचिन पायलट जो नाम देंगे वो तय होगा शकुंतला रावत: -बानसूर से कांग्रेस विधायक -महिला गुर्जर नेता के तौर पर चर्चित -शकुंतला रावत लगातार जीत रही चुनाव -अलवर जिले से प्रभावी नाम राजेंद्र सिंह विधूड़ी: - बेगूं से दूसरी बार कांग्रेस विधायक - दिवंगत अहमद पटेल के शिष्यों में रहे शुमार - तेज तर्रार गुर्जर नेताओं ने गिनती - विधायक मेवाड़ से लेकिन राज्य भर में चर्चित नेता  मंजू मेघवाल: -नागौर के जायल से कांग्रेस विधायक -पहले भी रह चुकी गहलोत सरकार में मंत्री - दलित मेघवाल चेहरे को तौर पर चर्चा खिलाड़ी लाल बैरवा: - बसेड़ी से विधायक - दलित चेहरे के तौर पर गिनती - सीएम गहलोत के विश्वस्त कहे जाते है जाहिदा: - दिवंगत कद्दावर मेव नेता चौधरी तैयब हुसैन की बेटी - दूसरी बार कामा से विधायक - मुस्लिम चेहरे के तौर पर मजबूत विकल्प पहली बार जीते चेहरों को संसदीय सचिव बनाया जा सकता है इनमें वो चेहरे शुमार है जो पहली बार चुनाव जीते ,निर्दलीय और बसपा से कांग्रेस में आये चेहरों को अवसर दिया जा सकता है.मंत्री परिषद फेरबदल की चर्चाओं में ही दो और उप मुख्यमंत्री बनाये जाने की चर्चाएं भी सामने आती है इनमें प्रमुख नाम के तौर पर डॉ सीपी जोशी के नाम की चर्चाएं है हालांकि वो तभी डिप्टी सी एम बनाये जा सकते है जब उन्हें मजबूत पोर्ट फोलियो मिले ,विधानसभा अध्यक्ष के नाते उन्हें वर्तमान में बड़ी जिम्मेदारी मिल हुई है.बहरहाल मुख्यमंत्री गहलोत के जादुई पिटारे से क्या निकलेगा ये कोई नहीं बता सकता है ,लेकिन इस बार किसी फेरबदल में जांच परख और वफादारी का गणित प्राथमिकता में होगा ,उधर सचिन पायलट कैंप से करीब चार से पांच चेहरों को स्थान मिल सकता है. चौकाने वाले नाम सामने आ सकते है. प्रियंका गांधी वाड्रा ने जिस तरह महिलाओं की पैरवी की है उस लिहाज से महिलाओं की भूमिका अहम होगी.Sc, ST , अल्पसंख्यक वर्ग पर विशेष फोकस रहेगा.
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