शहर के हर घर में पाइप लाइन के जरिए नेचुरल गैस सप्लाई होगी - Khulasa Online

शहर के हर घर में पाइप लाइन के जरिए नेचुरल गैस सप्लाई होगी

बीकानेर। शहर के हर घर में पाइप लाइन के जरिए नेचुरल गैस सप्लाई होगी। सीएनजी और पीएनजी गैस स्टेशन स्थापित करने के लिए खारा और गजनेर में जमीन तलाशने का काम शुरू हो गया है। इस सिलसिले में हिंदुस्तान नेचुरल गैस की टीम गुरुवार को यहां पहुंची। केन्द्र सरकार के पेट्रोल एवं नेचुरल गैस नियामक बोर्ड और हिंदुस्तान नेचुरल गैस कंपनी के बीच बीकानेर संभाग के चूरू और बीकानेर में 25 साल तक सीएनजी व पीएनजी गैस सप्लाई करने का करार हुआ है। गैस की सप्लाई करने के लिए खारा और गजनेर में दो स्टेशन बनाए जाएंगे। वहां प्लांट लगाकर टैंकरों की माध्यम से गैस उसमें रिफिल की जाएगी। इंडस्ट्रियों और घरों तक गैस की सप्लाई पाइप लाइन के जरिए होगी। गैस की डिमांड के लिए शहर की इंडस्ट्रियों और घरों का सर्वे का काम जल्दी ही शुरू होगा। पाइप लाइन से घरों, इंडस्ट्रीज, होटल, ढाबों पर पीएनजी और वाहनों के लिए सीएनजी की सप्लाई होगी। इसके लिए पेट्रोल पंपों पर आउलेट्स लगाए जाएंगे। डेढ़ लाख घर, 1000 से ज्यादा इंडस्ट्रीज और वाहनों को फायदा प्राकृतिक गैस एक गैसीय ईंधन है जो 87-92% मिथेन, कम दबाव पर हाईड्रोकार्बन्स ईथेन, प्रोपेन, ब्यूटेन और प्रेन्टेन से मिलकर बनती है। पीएनजी घरों में खाना पकाने सहित हीटिंग और कूलिंग कार्यों के उपयोग में लाई जा सकती है। पीएनजी की सप्लाई अत्यंत कम दबाव पर पाइप लाइन से की जाती है। आग लगने की स्थिति में रसोई में लगे वाॅल्व को बंद करके इसकी सप्लाई को रोका जा सकता है। यह गैस 15% हवा में घुलने पर ही आग पकड़ती है, जबकि एलपीजी 2% पर ही आग पकड़ लेती है। प्राकृतिक गैस गंधहीन होती है। इसलिए इसमें इथाइल मरकाप्टन नामक रसायन मिलाया जाता है। इसकी गंध एलपीजी की तरह होती है। प्राकृतिक गैस एलपीजी की तुलना में 30% सस्ती होती है। 14.2 किलो घरेलू गैस प्राकृतिक गैस के 15.5 यूनिट के बराबर है। कंप्रेस्ड नेचुरल गैस यानी सीएनजी को 200-250 केजी/सेमी दबाव पर काम लिया जाता है। इसके उपयोग से वाहनों का प्रदूषण काफी कम होता है। नेचुरल गैस प्लांट लगने से सिमेक्स, फूड और वूलन इंडस्ट्रीज को फायदा होगा। इन सभी को अभी बॉयलर काम में लेना पड़ता है, जिससे ईंधन का खर्च अधिक आता है। नेचुरल गैस सस्ती पड़ेगी। सिरेमिक्स उद्योग पनपेगा। क्योंकि वर्तमान टाइल्स बनाने के लिए कच्चा माल यहां से मौरवी जाता है। सस्ता ईंधन मिलने पर टाइल्स का कारोबार यहीं होने लगेगा। मेगा फूड पार्क पलाना में प्रस्तावित है। नेचुरल गैस प्लांट लगने के बाद फूड इंडस्ट्रियों को सस्ता ईंधन उपलब्ध होगा। प्रदेश की स्थितिः 19 जिलों में चल रहा काम : केन्द्र सरकार के पेट्रोल एवं नेचुरल गैस नियामक बोर्ड के तहत पाइप लाइन से घरेलू गैस वितरण के लिए राजस्थान सहित देश के कई शहरों में बीडिंग हुई है। राज्य के 19 जिलों में पाइप लाइन से गैस वितरण कार्य के लिए अलग-अलग संस्थाएं काम कर रही हैं। कोटा, जयपुर, अजमेर, पाली में भी काम चल रहा है। झुंझुनूं, सीकर, नागौर, दौसा, करौली, सवाई माधोपुर और टोंक में काम शुरू हो गया है। गैस स्टेशन के लिए सर्वे शुरू, व्यापारियों से चर्चा गैस स्टेशन के लिए बीकानेर में सर्वे शुरू हो गया है। कंपनी के आठ प्रतिनिधियों का दल गुरुवार को बीकानेर पहुंचा। यहां जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र की महाप्रबंधक मंजू नैण गोदारा से प्लांट लगाने पर चर्चा की। प्लांट के लिए कंपनी के प्रतिनिधियों ने बीछवाल और खारा के बीच तथा गजनेर में सर्वे किया। कुछ इंडस्ट्रियां भी देखीं, जहां बॉयलर से काम होता है। जिला उद्योग संग के अध्यक्ष डीपी पचीसिया, मोहन सुराणा, राजेंद्र दफ्तरी से भी बातचीत की और प्रोजेक्ट के बारे में बताया। व्यापारियों ने पूर्ण सहयोग की बात कही है। दरअसल हिंदुस्तान नेचुरल गैस दिनेश इंजीनियरिंग, रेजोनेंस और तोलानी प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड की जॉइंट वेंचर कंपनी है। इन तीनों के कंपनियों के डायरेक्टर लेवल के अधिकारी दिनेश कारगल, धानुल, बीएस नैगी, प्रभाकर चतुर्वेदी और दीपेश तोलानी की टीम यहां जमीन देख रही है। नेचुरल गैस प्लांट लगाने के लिए भारत सरकार के साथ हिंदुस्तान नेचुरल गैस का करार हुआ है। कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा हुई है। उन्हें प्लांट लगाने के लिए लोकेशन दिखा दी है।- मंजू नैण गोदारा, महाप्रबंधक, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र

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