मेरा इस्तीफा तो परमानेंट सोनिया गांधी के पास में है. जब मुख्य्मंत्री बदलना होगा तो किसी को कानों कान खबर तक नहीं लगेगी: गहलोत - Khulasa Online

मेरा इस्तीफा तो परमानेंट सोनिया गांधी के पास में है. जब मुख्य्मंत्री बदलना होगा तो किसी को कानों कान खबर तक नहीं लगेगी: गहलोत

जयपुर । राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने में अभी एक साल का वक्त बचा है. इससे पहले एक बार फिर से मुख्यमंत्री का चेहरा बदलने की अफवाहें जोरों पकड़ती नजर आ रही है. आज खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ी. मुख्यमंत्री ने कहा कि मीडिया में चर्चाएं चलती रहती हैं कि सरकार बदल रही हैं, सीएम बदलेंगे, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि मेरा इस्तीफा तो परमानेंट सोनिया गांधी के पास में है. जब मुख्य्मंत्री बदलना होगा तो किसी को कानों कान खबर तक नहीं लगेगी. यह काम रातोंरात हो जाएगा. इसपर कोई चर्चा और चिंतन नहीं होंगे. आलाकमान फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है. मैं आप लोगों से आग्रह करता हूं कि आप इन अफवाहों पर ध्यान नहीं दें. इस तरह की अफवाहों से गवर्नेंस पर फर्क पड़ता हैं और सरकार की कार्यप्रणाली पर भी इसका असर पड़ता है.मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का यह बयान दिल्ली में सचिन पायलट और सोनिया गांधी की मुलाकात के दो दिन बाद आया है. इससे पहले इसी हफ्ते 20 अप्रैल (बुधवार) को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिले थे. गुरुवार को सोनिया गांधी से मिले थे सचिन पायलट सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद सचिन पायलट ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की ओर से गठित समिति के माध्यम से राजस्थान सरकार में जो कदम उठाए गए, उसी दिशा में आगे काम करने की जरूरत है ताकि अगले साल फिर से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार मजबूती से आए. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद सचिन पायलट ने यह भी कहा कि पार्टी नेतृत्व उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगी, वह उसका निर्वहन करेंगे. सचिन पायलट ने कहा कि राजस्थान में पिछले तीन दशकों से परंपरा है कि एक बार भाजपा सरकार एक बार कांग्रेस सरकार. एआईसीसी ने लगभग दो साल पहले जो समिति बनाई थी, उसके माध्यम से हमने सरकार के भीतर कुछ उपयोगी कदम उठाए हैं. उसी पर आगे काम करना है ताकि संगठित होकर 2023 के विधानसभा चुनाव में दोबारा सरकार बना सकें. हमारी सरकार संकट में थी, लेकिन बजट में हर वर्गों का ख्याल रखा राजस्व सेवा परिषद के अधिवेशन को संबोधित करते हुए गहलोत ने कहा कि मीडिया में सीएम बदलने की चर्चा फिर से शुरू हो गई है, लेकिन मैं इतना जानता हूं कि जब आलाकमान को मुख्यमंत्री बदलना होगा तो किसी के कानोंकान खबर नहीं लगेगी. मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि हमारी सरकार संकट में थी. जो मुसीबत आई वह आप सबकी दुआओं से बच गई. उसके बाद हमने अच्छा बजट पेश किया, जिसमें हर वर्गों का ख्याल रखा गया. विपक्ष और पायलट गुट समय-समय पर करते हैं मांग बता दें कि प्रदेश में समय-समय पर विपक्ष और कांग्रेस पार्टी के भीतर ही मुख्यमंत्री बदलने की अफवाहें फैलती रहती है. सचिन पायलट गुट के विधायक और समर्थक चाहते हैं कि प्रदेश की कमान उनके नेता पायलट को मिलनी चाहिए. हालांकि, सचिन पायलट की ओर से अभी तक इस तरह के बयान सामने नहीं आए हैं. पायलट समर्थक नेता और कार्यकर्ता ही दबी जुबान से मुख्यमंत्री बनने की वकालत करते रहते हैं.
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