पत्रकार ने व्यवसायी को धमकाया किया ब्लेकमेल, पुलिस ने किया गिरफ्तार - Khulasa Online

पत्रकार ने व्यवसायी को धमकाया किया ब्लेकमेल, पुलिस ने किया गिरफ्तार

भीलवाड़ा। शहर के ट्रांसपोर्ट नगर में एक व्यवसायी को धमकाना और ब्लेकमेल करना कथित पत्रकार को भारी पड़ गया। मौके पर लोगों ने उसे पकडक़र प्रतापनगर थाना पुलिस को सौंप दिया। व्यवसायी की ओर से मामला दर्ज कराने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके साथियों के बारे में पता किया जा रहा है। थानाप्रभारी राजेन्द्र गोदारा के अनुसार उदयपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट कम्पनी की ओर से राजमल अग्रवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि ट्रांसपोर्ट कम्पनी का परचून का व्यवसाय है। विगत चार-पांच माह से खुद को अखबार का सम्पादक बताकर कांवाखेड़ा निवासी अनिल मलिक आए दिन उसके यहां आता है। वह व्यवसाय की रोजमर्रा की गतिविधियों को अपने मोबाइल के कैमरे में कैद कर यहां से भरकर जा रहे ट्रक एवं टेम्पो का पीछा करता है। फिर फोन कर उससे तथा पुत्र रौनक से पैसोंकी मांग करता है। नहीं देने पर धमकाता है। अग्रवाल ने आरोप लगाया कि शनिवार सुबह ग्यारह बजे अनिल मलिक ट्रांसपोर्ट नगर में उसके ऑफिस के बाहर खड़ा था। उसके ऑफिस पर एक गाड़ी आई। गाड़ी का तिरपाल खुलते ही वह कार से नीचे उतरा। उसने व्यवसायी का मोबाइल छीन लिया और खाली होती गाड़ी का वीडियो बनाने लगा। व्यापारी ने गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्वबंधुसिंह राठौड़ को फोन कर दिया। राठौड़ ने वहां पहुंच कर मलिक को टोकते हुए पकड़ लिया और पुलिस को फोन किया। व्यवसायी हुए जमा, पकड़ कर दफ्तर ले गए मौके पर बड़ी संख्या में आसपास के ट्रांसपोर्ट व्यवसायी और कर्मचारी जमा हो गए। लोगों न अनिल मलिक और उसके एक साथी को पकड़ लिया। उनकी पिटाई कर दी। मौका देखकर उसका एक साथी भाग गया। प्रतापनगर पुलिस मौके पर पहुंची। मलिक को पकड़ कर थाने ले आई। जहां धमकाने और अवैध वसूली का मामला दर्ज करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। विभाग की धमकी, घण्टों करते निगरानी विश्वबंधु सिंह राठौड़ ने बताया कि मलिक व उसके कुछ साथी ट्रांसपोर्टस के प्रतिष्ठान के बाहर पांच-छह घण्टे तक खड़े रहकर निगरानी करते थे। वहां मौका मिलते ही गाड़ी से सामान उतरने का वीडियो बनाते। फिर ट्रांसपोर्टरों को आयकर और वाणिज्य कर विभाग का छापा पड़वाने के नाम पर धमकाते थे। ट्रांसपोर्टरों के दफ्तर में घुसकर मोबाइल रखवा देते और वहां लगे सीसी टीवी कैमरों को बंद करवा देते थे। यह लोग ट्रांसपोटर््स की गैर मौजूदगी में व्यापारी बनकर जाते और कर्मचारियों से बात करते थे। इस दौरान वहां का वीडियो बना लेते थे।
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