डॉलर की किमत आई नीचे,पेट्रोल डीजल के भावो मे आयेगी ओर कमी

ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें लगभग 3 फीसदी गिरकर 78.89 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गईं हैं. यूरोप में कोविड-19 (COVID-19) मामलों में बढ़ोतरी के चलते इकोनॉमिक रिकवरी की रफ्तार धीमी हो सकती है. वहीं, प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं द्वारा कच्चे तेल के भंडार को रिलीज किए जाने की संभावना से तेल की कीमतें कम हुई हैं. कच्चे तेल के दाम में गिरावट से देश में पेट्रोल और डीजल के भाव आने वाले दिनों और कम होने की संभावना है. सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने रविवार को लगातार 17वें दिन तेल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया. इससे पहले 4 नवंबर को सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती की थी ताकि दरों को रिकॉर्ड-उच्च स्तर से थोड़ा नीचे लाया जा सके.
दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत फिलहाल 103.97 रुपये प्रति लीटर और डीजल की 86.67 रुपये प्रति लीटर है. मुंबई में पेट्रोल और डीजल की कीमत क्रमश: 109.98 रुपये प्रति लीटर और 94.14 रुपये प्रति लीटर है. एक्साइज ड्यूटी में कटौती के बाद कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने भी पेट्रोल और डीजल पर वैट दरों में कटौती की घोषणा की, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली. तेल कंपनियां पिछले 15 दिनों में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बेंचमार्क ईंधन की औसत कीमत और विदेशी विनिमय दरों के आधार पर प्रतिदिन पेट्रोल और डीजल की दरों में संशोधन करती हैं. पेट्रोल और डीजल की कीमतों की समीक्षा तेल विपणन कंपनियों जैसे कि इंडियन ऑयल द्वारा दैनिक आधार पर की जाती है और कोई भी संशोधन सुबह 6 बजे से लागू किया जाता है. वैट और माल ढुलाई शुल्क जैसे स्थानीय करों के आधार पर ईंधन की कीमतें एक राज्य से दूसरे राज्य में अलग-अलग होती हैं.
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