बीटीयू वीसी ने यूसीईटी के लेक्चरार को नोटिस थमाया, अब नहीं मिलेगा वेतन, कुलसचिव 10 माह में 45 दिन आते और काम भी नहीं करते, अब जांच के आदेश - Khulasa Online

बीटीयू वीसी ने यूसीईटी के लेक्चरार को नोटिस थमाया, अब नहीं मिलेगा वेतन, कुलसचिव 10 माह में 45 दिन आते और काम भी नहीं करते, अब जांच के आदेश

निखिल स्वामी की रिपोर्ट बीकानेर. बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय इनदिनों चर्चा में बना हुआ है। एक तरफ तो बीटीयू के अधीन यूसीईटी में लेक्चरार को कुलपति ने नोटिस जारी कर दिया है तो वहीं दूसरी ओर कुलसचिव पर जांच के आदेश जारी कर दिए है। ऐसे में कुलपति ने विवि के संघटक कॉलेज यूसीईटी के कर्मचारी व लेक्चरार खासे नाराज है तो दूसरी तरफ बीटीयू के कुलसचिव के बीच आपसी सामंजस्य नहीं बैठ रहा है। इससे विद्यार्थियों व कर्मचारियों को काफी नुकसान हो रहा है। विवि के कुलपति ने पिछले माह यूसीईटी के पांच लेक्चरार को विवि की छवि धूमिल पर नोटिस जारी कर दिया है। इससे यूसीईटी के लेक्चरार में काफी रोष है। यूसीईटी के लेक्चरार डॉ. सुधीर भारद्वाज ने बताया कि पिछले करीब सात माह से वेतन नहीं मिल रहा है और वीसी को तीन बार लिखित में अवगत भी करवाया जा चुका है। ऐसे में वेतन नहीं मिलने के कारण जब जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। जनप्रतिनिधियों से वेतन संबंधी शिकायत करने पर खामियाजा भुगतना पड़ा है। भारद्वाज ने बताया कि पिछले माह डॉ.बी.डी.कल्ला, केश कला बोर्ड के अध्यक्ष महेन्द्र गहलोत से मिलकर सरकार से वेतन दिलाने की मांग की थी। इस संबंध में जब जनप्रतिनिधि ने वीसी को वेतन देने के बारे में कहा तो ऐसे में वीसी उखड़ गए और उन्होंने जनप्रतिनिधियों का गुस्सा लेक्चरार पर निकाल दिया और नोटिस जारी कर दिया। भारद्वाज ने कहा कि सरकारी आदेश के बावजूद भी विवि के कुलपति सैलेरी नहीं दे रहे थे। नहीं मिला इंक्रीमेंट व डीए भारद्वाज ने बताया कि विवि ने वेतन तो सात माह का दे दिया, लेकिन डीए, एचआरए और इनक्रीमेंट नहीं दिया है। सरकार व विवि के बीच यूसीईटी फंस गया है। वेतन को लेकर संघर्ष किया और नोटिस देकर हमारे प्रमोशन में अब बाधा आएगी। मुख्यमंत्री ने बजट में 11 तकनीकी कॉलेजों को बजट जारी कर दिया था, लेकिन यूसीईटी को बजट नहीं दिया था। ऐसे में यहां के लेक्चरार व कर्मचारी अब बीटीयू पर ही निर्भर है। उन्होंने बताया कि विवि ने नोटिस देकर कहा कि अब आपको सैलेरी नहीं दी जाएगी। बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अम्बरीश शरण विद्यार्थी ने बताया कि हमें मजबूरी में पैसा देना पड़ा। इन लेक्चरार को बता दिया था, वेतन हम दे देंगे, लेकिन फिर भी यह जनप्रतिनिधियों के पास चले गए। जब ये जनप्रतिनिधियों के पास गए तो उससे पहले इनके खाते में पैसा डाल दिया गया। मीडिया व जनप्रतिनिधियों के पास व विवि के खिलाफ बयानबाजी करने से विवि की छवि धूमिल हुई है। कुलपति ने बताया कि कुलसचिव 10 माह में सिर्फ 45 दिन ही आते है और काम भी नहीं करते है। वे सिर्फ बतीयाते है। कुलसचिव बीमार है,इससे काम सब रूका हुआ है। वे विवि में कभी आते है तो काम नहीं करते है। ऐसे में इनके काम को लेकर जांच के आदेश जारी कर दिए है। डिप्टी रजिस्ट्रार को चार्ज दे दिया है। कुलपति ने कहा यूसीईटी की नेगेटिव इमेज विवि के कुलपति ने कहा कि सरकार में यूसीईटी की नेगेटिव इमेज बनी हुई है। इस इमेज को बेहतर व मजबूत करने के लिए पत्र लिखा जाना चाहिए। यूसीईटी में खर्चे ज्यादा दिखाते है। सरकार ने 11 कॉलेजों को बजट जारी कर दिया है, लेकिन यूसीईटी को बजट जारी नहीं किया। कर्मचारियों के वेतन को लेकर सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा और यूसीईटी के कर्मचारी भी इसे पूरजोर तरीके से सरकार के अधिकारियों तक पहुंचाएं। इनको दिया नोटिस - सुधीर भारद्वाज, असिस्टेंट प्रोफे सर, यूसीईटी-बीटीयू - विकास भल्ला, असिस्टेंट प्रोफेसर, यूसीईटी-बीटीयू - डॉ. नरेन्द्र सिंह सोलंकी, असिस्टेंट प्रोफेसर यूसीईटी-बीटीयू - डॉ. अजीतसिंह पूनियां, एसोसिएट प्रोफेसर यूसीईटी-बीटीयू - डॉ. प्रतिभा चौधरी, सम्पदा अधिकारी- असिस्टेंट प्रोफेसर यूसीईटी-बीटीयू

error: Content is protected !!
Join Whatsapp