बीकानेर की पहली ई-लाइब्रेरी शुरू, अधिवक्ता एक क्लिक में ही देख सकेंगे वर्ष 1914 से अब तक के सभी कानून व रेफरेंस - Khulasa Online बीकानेर की पहली ई-लाइब्रेरी शुरू, अधिवक्ता एक क्लिक में ही देख सकेंगे वर्ष 1914 से अब तक के सभी कानून व रेफरेंस - Khulasa Online

बीकानेर की पहली ई-लाइब्रेरी शुरू, अधिवक्ता एक क्लिक में ही देख सकेंगे वर्ष 1914 से अब तक के सभी कानून व रेफरेंस

खुलासा न्यूज बीकानेर। बीकानेर कोर्ट परिसर में बार एसोसिएशन बीकानेर के सहयोग से नव-निर्मित ई-लाइब्रेरी व कैफे का शुभारंभ बुधवार को राजस्थान बार काउंसिल सदस्य कुलदीप कुमार शर्मा और बार एसोसिएशन बीकानेर के अध्यक्ष बिहारी सिंह राठौड़ ने किया। सम्मान व उद्बोधन कार्यक्रम में बार काउंसिल सदस्य कुलदीप शर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि बीकानेर कोर्ट में ई-लाइब्रेरी का शुभारंभ एक बड़ी सौगात है। ई-लाइब्रेरी हमारी जरूरत है, अब हमें इससे नाता जोडऩा होगा। युवा अधिवक्ताओं से कहा कि आप बड़े भाग्यशाली हो, हमारे समय में किताबें भी नहीं थी। सीनियर से एक टॉपिक मिलता था, फिर उसे सर्च करने में जुट जाते थे, लेकिन अब एक क्लिक में जानकारी मिल जाएगी। अध्यक्ष बिहारी सिंह राठौड़ ने कहा कि वकालत के समय एक सॉफ्टवेयर खरीदने में पूरी सेविंग लग जाती थी, लेकिन आपके लिए सब कुछ फ्री है, उसे नकारना नहीं है। शुरूआत में समस्या रहेगी, लेकिन यह भविष्य के लिए फायदेमंद होगी। किसी भी टॉपिक को समझने के लिए समय देना होगा और जज के सामने वकील पूरी तैयारी के साथ जाएं, तब आपको कोई इग्नोर कर ही नहीं सकता है।

मिडिया प्रभारी अनिल सोनी एडवोकेट ने बताया कि बीकानेर कोर्ट को ई-लाइब्रेरी की स्थानीय अधिवक्ताओं के लिए बड़ी सौगात है। कोर्ट परिसर में ई-लाइब्रेरी व कैफे का निर्माण हुआ है। लाइब्रेरी में वर्ष 1914 से अब तक के सभी कानून, उच्चत्तर न्यायालयों के निर्णय रेफरेंस एक ही जगह बैठकर देख सकेंगे। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट सहित देश के सभी उच्च न्यायालयों के रुलिंग, केस, लॉ उपलब्ध रहेंगे। खास बात यह है कि वकील ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरह से अध्ययन कर सकेगा। विशेष कर युवा अधिवक्ताओं को कानून की किताबें ढूंढऩे व देखने के लिए अब भटकना नहीं पड़ेगा। वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक शर्मा व ओपी हर्ष ने कहा कि सीनियर वकील कहते हैं कि यह हमारे लिए चुनौती है, लेकिन मैं कहता हूं कि आप मोबाइल ऑपरेट कर सकते हैं, जिसमें आप कई तरह के एप का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में यह ई-सॉफ्टवेयर सरल तरीके से समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि किताब से दोस्ती जरूरी है, लेकिन ई-सॉफ्टवेयर भी समझना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट में ई-फाइलिंग के साथ वर्चुअल सुनवाई हो रही है। इसलिए यह लाइब्रेरी सभी के लिए जरूरी है।

वातानुकूलित ई-लाइब्रेरी, कैफे भी साथ

ई-लाइब्रेरी का स्वरूप पूरी तरह से वातानुकूलित रहेगा। इसमें इंटरनेट सहित अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 5 कम्प्यूटर, प्रिंटर, फोटो कॉपी मशीन, टेबल, चेयर्स लगा रखी है। लाइब्रेरी में 25 अधिवकताओं के लिए बैठने के व्यवस्था है जहां सोफे भी लगा रखे हैं इसके अलावा ई-लाइब्रेरी में कॉफी कैफे भी शामिल है। इसका संचालन एआईआर करेगा। एआईआर का स्टाफ भी मौजूद रहेगा। ऑल इंडिया रिपोर्टर के मैनेजर विजयकुमार ने ई-लाइब्रेरी की विशेषताएं बताते हुए कहा कि पहली बार ई-लाइब्रेरी की शुरूआत 2013 से हुई थी, जो अब तक देश में 22 लाइब्रेरी स्थापित कर चुके हैं। अब तक इंडिया में 22 ई-लाइब्रेरी डवलप हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अब हम बीकानेर को 25 साल तक सेवाएं देंगे, अधिवक्ताओं के लिए हर समय तैयार रहेंगे। इस दौरान हितेश छंगाणी सचिव,धर्मेंद्र वर्मा वरिष्ठ उपाध्यक्ष,साजिद मकसूद ,मनोज बिश्नोई अलाय, शांति शर्मा, आशु प्रकाश पारीक, लक्ष्मण नायक,अरविंद सिंह शेखावत , अनिल सोनी एडवोकेट मीडिया प्रभारी, जयदीप सिंह राजवी ,प्रदीप हर्ष, पवन कुमार स्वामी, मदन सुरोलिया,ज्ञान शर्मा, राजकुमारी पुरोहित सहित सैंकड़ों अधिवक्ता उपस्थित रहे।

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