बीकानेर में 60 फीसदी शराब की दुकान बंद, रेवेन्यू पर संकट, क है वजह, जानिए - Khulasa Online

बीकानेर में 60 फीसदी शराब की दुकान बंद, रेवेन्यू पर संकट, क है वजह, जानिए

- कुशालसिंह मेड़तिया की रिपोर्ट खुलासा न्यूज, बीकानेर। बीकानेर में दो साल पहले तक जहां शराब की दुकान लेने के लिए मारा-मारी होती थी, वहीं अब इन्हें कोई लेने को तैयार नहीं है। इसके पीछे कारण सरकारी आबकारी पॉलिसी और ई-ऑक्शन है। यही कारण है कि शराब बेचने का टारगेट पूरा नहीं होने पर लगने वाली भारी पेनाल्टी से बचने के लिए ठेकेदारों को मजबूरन सस्ती या डिस्काउंट रेट पर शराब बेचनी पड़ी।

दरअसल, सरकार ने इस साल 2022-23 में शराब बेचने, लाइसेंस फीस समेत अन्य पेटे से 15 हजार करोड़ रुपए के रेवेन्यू का टारगेट रखा है। ऐसे में शराब के ठेके अगर खाली रहे तो इसका नुकसान सरकार के कोष पर भी पड़ सकता है।

जिलेवार दुकानों की स्थिति देखें तो बीकानेर जिले में 226 दुकानों में 108 दुकानें ही खुली है। बाकी 118 दुकानों की खरीद के लिए कोई नहीं आया है। ऐसे में जिले में 86 शराब दुकानदारों ने लाइसेंस रिन्यू करवाया और और 22 ऑक्शन में खरीदी है। ऐसे में अब तक दोनों मिलाकर 108 दुकानदारों ने रिन्यू और ऑक्शन में खरीदी है। ऐसे में अब रेवेन्यू पर संकट मंडराया हुआ है। 40 फीसदी शराब की दुकानें बंद है।

नीलामी में 13 फीसदी भी दुकानें नहीं बिकी आबकारी विभाग ने लाइसेंस रिन्यू नहीं होने के बाद दुकानों को 22 से 30 मार्च तक नीलामी के जरिए बेचने का निर्णय किया। इसके लिए ऑनलाइन बोली लगाई गई, लेकिन इसमें भी केवल 680 दुकान ही बोली में लोगों ने खरीदी। आबकारी कमिश्नर चेतनराम देवड़ा ने बताया कि जिन दुकानों का ऑक्शन नहीं हुआ है उन्हें अप्रैल में फिर से ऑनलाइन ऑक्शन लगाकर बेचने का प्रयास किया जाएगा।

इनका कहना है : जिले में 86 दुकानदारों ने लाइसेंस रिन्यू करवाया है और 22 ने ऑक्शन में खरीदी है। ११८ दुकानों का न लाइसेंस रिन्यू हुआ और न ऑक्शन में खरीदी। - भवानीसिंह, जिला आबकारी अधिकारी, बीकानेर

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