गुजरात में 4.3 तीव्रता का भूकंप; दहशत में घरों से बाहर निकले लोग - Khulasa Online

गुजरात में 4.3 तीव्रता का भूकंप; दहशत में घरों से बाहर निकले लोग

गुजरात के जामनगर में गुरुवार देर शाम करीब 7:13 बजे भूकंप के झटके महसूस हुए। इसकी तीव्रता करीब 4.3 मापी गई। भूकंप आने के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। भूकंप का केंद्र जामनगर से 14 किलोमीटर दूर बताया गया है। हालांकि, अब तक इससे किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। जिले के चार इलाकों में झटके महसूस किए गए। इनमें कलावाड़, ढरोल, जोदिया और लालपुर शामिल हैं। इससे पहले गुरुवार को ही जम्मू-कश्मीर से 3.6 तीव्रता का भूकंप आया था।

UNSC में विदेश मंत्री जयशंकर बोले- आतंक से समझौता नहीं करना चाहिए भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल की मीटिंग को संबोधित किया। आतंकवाद पर हुई इस मीटिंग में उन्होंने कहा कि भारत आतंक से सबसे ज्यादा प्रभावित देश रहा है। हमने एक के बाद एक कई आतंकी हमले झेले हैं। इस हिसाब से इसकी चुनौतियों और पीड़ितों में भारत की हिस्सेदारी ज्यादा है।

भारत में 2008 में मुंबई हमला, 2016 में पठानकोट एयरबेस हमला, 2019 में पुलवामा में हमारे पुलिसकर्मियों पर सुसाइड अटैक हुआ। हमें इस बुराई से कभी समझौता नहीं करना चाहिए। जयशंकर ने कहा कि दुनिया परसों आतंक से पीड़ित लोगों की याद में चौथा इंटरनेशनल डे मनाएगी। अगला महीना न्यूयॉर्क में 9/11 की त्रासदी के 20 साल का भी होगा।

कुलगाम में जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के कार्यकर्ता की हत्या जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों ने गुरुवार को एक राजनीतिक पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता की हत्या कर दी। यह 10 दिन में किसी पार्टी से जुड़े व्यक्ति पर हमले का चौथा मामला है। इससे पहले BJP के नेताओं को लगातार निशाना बनाया गया। 17 अगस्त को कुलगाम के ब्राजलू-जागीर में जावीद अहमद डार पर आतंकियों ने तब गोलियां बरसाईं, जब वो अपने घर के बाहर टहल रहे थे।12 अगस्त को रात में BJP के मंडल अध्यक्ष जसबीर सिंह के घर ग्रेनेड अटैक किया गया था। 9 अगस्त को अनंतनाग में आतंकियों ने BJP नेता गुलाम रसूल डार और उनकी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वे भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष थे। दिनदहाड़े आतंकवादियों ने चौराहे पर डार को गोली मारी थी।

बच्चों के लिए अगले महीने आ सकता है कोरोना का टीका बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन इस साल सितंबर या अक्टूबर में आ सकती है। पुणे के ICMR और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी की डायरेक्टर डॉ. प्रिया अब्राहम ने यह जानकारी दी है। एक इंटरव्यू में अब्राहम ने कहा कि 2 से 18 साल के बच्चों के लिए कोवैक्सिन के फेज 2 और 3 के ट्रायल चल रहे हैं। उम्मीद है कि इसके नतीजे जल्द मिल जाएंगे। इन्हें रेगुलेटर अथॉरिटी को पेश किया जाएगा। इसलिए सितंबर तक या उसके ठीक बाद हमारे पास बच्चों के लिए कोरोना का टीका हो सकता है।

उन्होंने बताया कि कोवैक्सिन के अलावा जायड्स कैडिला के टीके का बच्चों पर ट्रायल चल रहा है। जाइडस कैडिला की वैक्सीन इस्तेमाल के लिए उपलब्ध पहला DNA वैक्सीन होगी। इसके अलावा, जेनोवा बायोफर्मासिटिकल्स लिमिटेड का m-RNA, बायोलॉजिकल-ई टीका, सीरम इंस्टीट्यूट की नोवोवैक्स और भारत बायोटेक की इंट्रानेसल वैक्सीन भी ट्रायल फेज में हैं।

error: Content is protected !!
Join Whatsapp