जयपुर। करीब डेढ़ साल से ज्यादा समय से राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार कर रहे कांग्रेस नेताओं का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। इस माह में श्राद्ध पक्ष समाप्त होने के बाद गहलोत सरकार कांग्रेस नेताओं को राजनीतिक नियुक्तियों का तोहफा दे सकती है। हालांकि राजनीतिक नियुक्तियों में सबसे पहले संवैधानिक पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।संवैधानिक पदों पर नियुक्तियों को लेकर सरकार में उच्च स्तर पर मंथन चल रहा है। राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा कई बैठकें कर संवैधानिक पदों पर एडजस्ट किए जाने वाले नामो पर मंथन कर चुके हैं। यही नहीं, दोनों नेता प्रदेश प्रभारी अजय माकन से भी चर्चा हो चुकी है।
25 सितंबर के बाद हो सकती है घोषणा
विश्वस्त सूत्रों की माने तो संवैधानिक पदों पर राजनीतिक नियुक्तियों की घोषणा 25 सितंबर के बाद कभी भी हो सकती है। प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने भी प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में इसके संकेत दिए थे। बताया जाता है कि संवैधानिक पदों पर राजनीतिक नियुक्तियों के लिए कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, पूर्व सांसद, पूर्व मंत्री भी दौड़ में हैं। इसके अलावा कई पूर्व नौकरशाहों को यहां एडजस्ट किए जाने की चर्चा है।
सरकार का कामकाज प्रभावित
दरअसल संवैधानिक पदों पर सबसे पहले नियुक्तियों करने की एक वजह ये भी है कि कई संवैधानिक संस्थाएं ऐसी हैं जिनमें पद रिक्त पड़े हैं, जिसके चलते सरकार के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा संवैधानिक संस्थाओं में पद रिक्त होने का मामला हाइकोर्ट में भी चल रहा है। ऐसे में सरकार सबसे पहले यहां नियुक्तियां करना चाहती है।
इन संवैधानिक पदों पर होगी नियुक्तियां
गहलोत सरकार की ओर से जिन संवैधानिक संस्थाओं में सबसे पहले राजनीतिक नियुक्तियां करना चाहती है उनमें मानवाधिकार आयोग, महिला आयोग, अल्पसंख्यक आयोग, एससी-एसटी आयोग, ओबीसी आयोग, वित्त आयोग, किसान आयोग, गौ सेवा आयोग, राजस्थान लोकसेवा आयोग, निशक्तजन आयोग जैसे प्रमुख पद शामिल हैं। इन आयोगों में चेयरमैन के साथ ही सदस्यों की भी नियुक्ति की जानी है।