एसपी एपीओ और सरदारशहर सीओ सस्पेंड
चूरू । सरदारशहर में सात जुलाई को पुलिस हिरासत में युवक की मौत के मामले में कार्मिक विभाग के संयुक्त शासन सचिव आशीष मोदी ने शुक्रवार शनिवार की दरमियानी रात चूरू पुलिस अधीक्षक राजेंद्र कुमार को एपीओ कर दिया। वहीं सरदारशहर सीओ भंवरलाल मेघवाल को सस्पेंड कर दिया गया है। एसपी राजेंद्र कुमार ने इससे पूर्व थानाधिकारी सहित 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया था। वहीं 26 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया था। सरकार ने इस मामले की जांच करवाई थी।प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि युवक के साथ थाने में मारपीट की गई। चूरू एसपी की भी लापरवाही मानी गई कि उन्होंने गंभीर मामले को हल्के में लिया। वहीं सरदारशहर सीओ की लापरवाही भी मानी गई कि उन्होंने मामले का सुपरविजन नहीं किया। चूंकि यह उनकी सीधी जिम्मेदारी बनती थी। शुक्रवार देर रात 12 बजे दोनों पर कार्रवाई की गई। मैं जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती हूं। पूरे शरीर पर जगह-जगह मारपीट के निशान हैं। पैर के नाखून भी नहीं हैं। खून आ रहा है। आंख पर भी चोट के निशान हैं। मेरे उठने-बैठने व बोलने तक की हिम्मत नहीं है। लेकिन, आप सब के सामने पुलिस का सच लाना जरूरी है। इसलिए मैं यह वीडियो जारी करके मेरे साथ हुई घटना की पूरी सच्चाई आपके सामने रख रही हूं। चोरी के आरोप में मेरे देवर को उठाकर ले गई थी सरदारशहर पुलिस। उसकी पुलिस हिरासत में मौत हो गई। मुझे भी पुलिस जबरदस्ती उठाकर ले गई थी। मेरे साथ जो पुलिस ने किया, वह हैवानियत से कम नहीं। पांच-छह पुलिसकर्मियों ने मारपीट शुरू कर दी। तीन दिन तक रात व अलसुबह बांधकर लटकाकर पीटा। सभी पुलिस वाले शराब पीकर मुझे मारते थे। कई बार मुझे शराब पिलाने के लिए भी कहा। मुझे यह नहीं पता कि मुझे कहा रखा गया था। बस कभी दूसरे कमरे में ले जाते, वहां भी मारते। सुबह चार बजे तो कभी रात 12 बजे मारपीट करते रहे। मेरी खूब बेइज्जती की। मैं इन हैवान पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई चाहती हूं। इन्हें सख्त सजा मिलनी ही चाहिए। मृतक देवर की भाभी व परिजनों ने शुक्रवार रात को सरदारशहर डीएसपी के नाम पत्र लिखकर उनके साथ बीते पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए मामला दर्ज करवाने के लिए लिखा है। पत्र एसएमएस हॉस्पिटल जयपुर थाना कैंपस में दिया है। मामला दर्ज के लिए पत्र में मृतका की भाभी ने बताया कि वह अभी ट्रोमा सेंटर, इमरजेंसी वार्ड, एसएमएस हॉस्पिटल जयपुर में भर्ती हैं। आरोप है कि तीन जुलाई की शाम पांच बजे के करीब पुलिसकर्मी हेमराज, जनकेश, कैलाश, वीरेंद्र कुमार व महेश देवर को साथ लेकर आए थे। घर में घुसकर उसे जीप में डालकर सरदारशहर थाने ले गए। रास्ते में देवर ने उसे बताया कि 5-6 दिन से जबरदस्ती अवैध रूप से पुलिस हिरासत में रखकर रोजाना भयंकर पिटाई की जा रही है। मृतक की भाभी ने बताया कि थानाधिकारी रणवीरसिंह ने थाने में बंधक बनाकर पिटाई की व षड्यंत्र रचकर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। इनके साथ रामप्रताप गोदारा, हेमराज, विरेंद्रकुमार, कैलाश, जनकेश, कृष्ण, महेश व सचिन शामिल थे।
सरदारशहर व अन्य जगह के डॉक्टरों से मिलीभगत कर झूठे कागजात तैयार किए और हत्या के सबूत नष्ट करने के उद्देश्य से पुलिस ने सात जुलाई की रात करीब 10:30 बजे देवर का शव जबरदस्ती जलवा दिया। 10 जुलाई की रात 10 बजे तक अलग-अलग स्थानों पर बंधक बनाकर रखा। धमकी देकर ये भी कहा कि उसके साथ दुष्कर्म व देवर की हत्या वाली बात किसी को बताई तो देवर वाली हालत तुम्हारी कर देंगे और जान से मारने की धमकी दी।