जैसलमेर। जिले के माहेश्वरी अस्पताल में बनाए गए कोविड सेंटर में आज 80 वर्षीय वृद्ध की बाथरूम में गिरने से मौत के बाद सनसनी फ़ैल गई. जानकरी के अनुसार गांधी कॉलोनी के रहने वाले 80 वर्षीय लाधुराम जोशी कोरोना संक्रमित होने के चलते माहेश्वरी अस्पताल के कोरोना सेंटर में भर्ती थे लेकिन बाथरूम ने गिरने से उनकी मौत हो गई. उसके घंटों बाद भी उसे किसी ने नहीं संभाला ऐसे में कोविड सेंटर सहित जिले में कोरोना के खिलाफ विभाग की लापरवाही साफ तौर पर दिखाई दे रही है.
मौत के बाद घंटों तक नहीं संभालने का आरोप:
मृतक के पुत्र ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बाथरूम में गिरने से उनके पिता की मौत हो गयी और उन्हें घंटों तक किसी ने संभाला नहीं हांलाकि उनके साथ उनके परिवार के कुछ अन्य सदस्य भी वहां कोविड सेन्टर में भर्ती है उन्हीं में से किसी ने उन्हें देखा और बाद में चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को फोन किये लेकिन उन्होनें फोन तक रिसीव नहीं किये. वहीं उन्होने कहा कि यहां व्यवस्थाये सही नहीं है और पिछले कई घंटों से यहां आने के बाद भी उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है. उनका कहना है कि उनके पिता तो अब इस दुनिया में नहीं रहे लेकिन वो चाहते है कि माहेश्वरी अस्पताल मे चल रहे कोविड सेंटर की व्यवस्थाएं दुरूस्त हो और सेन्टर में चिकित्सकीय टीम 24 घंटों तक यहां तैनात रहे तो किसी अन्य के साथ इस तरीके की घटना ना हो और मरीज को समय पर यदि उपचार मिल सके तो उन्हें बचाया जा सकता है.
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने दी सफाई
वहीं इस मामले पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी. के. बारूपाल ने कहा कि चिकित्सकीय टीम सेंटर के बाहर 24 घंटे तैनात रहती है लेकिन समय पर अन्दर से जानकारी बाहर नहीं मिलने के कारण यह सभी हुआ. जैसे ही अन्दर मृतक के रिश्तेदार जो साथ में भर्ती थे उन्होनें सूचना दी तो टीम द्वारा जाकर उनका परीक्षण किया गया लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. उन्होनें कहा कि प्रथम दृष्टया मौत का हार्ट अटैक हो सकता है क्योंकि कल शाम को जब उनका परीक्षण किया गया था और बात की गयी थी तब सब कुछ सामान्य था. डॉ. बारूपाल ने कहा कि कोविड सेंटर में मरीजों की सुविधाओं से संबंधित यदि कोई भी कमी है तो उसे जल्द सुधारा जाएगा. वहीं जिला कलक्टर के आदेश पर आईटी सचिव एवं कोविड-19 नोडल अधिकारी अनुराग भार्गव पहुंचे मामले की जांच की.