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शिव भादाणी
बीकानेर। जिले में मिलावट का कारोबार बड़े स्तर पर चलता है मिर्च मसाला से लेकर मिलावटी दूध, घी और भी कई वस्तुएं जो आम लोगों की खाने पीने के काम आती है जिनमें मिलावटी माफिया जी भरकर मिलावट करते है इस जन स्वास्थय विरोधी कारोबार को धडल्ले से चला रहे है, इस बात का पता पूरे जिला प्रशासन व स्वास्थय विभाग तथा पुलिस अधिकारियों को भी है मगर लाखों रुपये के होने वाले इस अवैध व्यापार में लाखों रुपये की बंधी सबकी जेबों में जाते है इसलिए कार्यवाई नहीं करना इन सब की मजबूरी है । पूरे जिले के पुलिस अधिकारियों व प्रशासन को पता है कि बीकानेर व नोखा में नकली घी की फैक्ट्रिये खुले आम चलती हैं और उनको चलाने वाले भी बड़े नाम है मगर पुलिस ने आज तक किसी पर भी कोई बड़ी कार्यवाही नहीं कि। बीकानेर के पूर्व पुलिस अधीक्षक डॉ. अमनदीप ने अपने कार्यकाल में नोखा के ओम पाणेचा को गिरफ्तार कर एकबारगी तो मिलवाट खोरों में भय पैदा कर दिया था। पाणेचा के गिरफ्तार होने से बड़े बडे मिलावटखोरों ने एक बार तो अपने काम बंद कर दिये थे। पुलिस अधीक्षक डॉ. अमनदीप ने पाणेचा को काफी समय तक जेल से बाहर आने नहीं दिया। लेकिन कुछ समय के बाद हाईकोर्ट से जमानत लेकर पाणेचा बाहर आ गया। पाणेचा बाहर आते ही अपना कारोबार वापस चालू कर लिया था। ऐसे ही नाल थानाधिकारी धरम पुनिया ने अपने कार्यकाल में थाना क्षेत्र में नकली घी बनाने की फैक्ट्रीयां पकड़ी मौके से भारी मात्रा में नकली घी बरामद किया था। अगर देखा जाये तो बीकानेर शहर में भी कई जगहों पर खुले आम नकली घी बेचा जा रहा है जबकि स्वास्थ्य अधिकारी व पुलिस इन क्षेत्रों से निकलते है लेकिन कभी इनकी जांच करने नहीं जाते है क्योंकि उनकी जेबों में बंधी पहुंचती है। बीकानेर तथा नोखा की फैक्ट्रियों में रोजाना बनने वाला लाखों लीटर नकली घी समूचे देश में सप्लाई हो रहा है। शहर के बड़ा बाजार, फड़बाजार व इंडिस्ट्री एरिया क्षेत्रों में नकली मिर्च मसाले बनते है लाखों रुपये का मसाला बीकानेर से बाहर जाता है लेकिन इन फैक्ट्रीयों तक आज तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा है।
प्रतिष्ठ घी व्यवसीय ने आलू से घी बनाया
कुछ साल पहले शहर के एक प्रतिष्ठ घी व्यवसीय ने अपने कारखाने में बड़े स्तर पर आलू व शकरकंद को पीसकर नकली घी बनाने का कारोबार कर रखा था। व्यापारी ने नकली घी का कारोबार पंजाब तक फैला रखा था। जबकि उसकी दुकान शहर के व्यवस्तम इलाके में है जहां बड़े बडे ब्रांड के नाम के घी के पीपे रखे होते है। अगर इनकी फैक्ट्रीयों पर दबिश दी जाये तो पीछे का खेल सामने आयेगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आज भी घी व्यवसीय मिलावट का खेल कर रहा है लेकिन व्यवसीय के परिवार के तालुक राजनीति व पुलिस प्रशासन में अच्छी जान पहचान होने के कारण पुलिस कार्यवाही नहीं कर रही है।
कुल्फी बनाने वाले करते है मिलावट
शहर में रोजाना हजारों रुपये की आईसक्रीम बनती है इनमें मिलावट का खेल बड़े स्तर पर हो रही है आईसक्रीम बनाने वाले आईसक्रीमों में बड़े स्तर पर हल्के उत्पाद मिलाकर आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है। बडे ब्रांड के नाम पर खुलेआम नकली आईसक्रीम बेची जा रही है।