बीकानेर। परिवहन विभाग के अधिकारियों की अनदेखी से विकलांग वाहन चालक हुए परेशान।

परिवहन विभाग के शासन सचिव एवं परिवहन आयुक्त की ओर से जारी एक आदेश की पालना करने के चक्कर में प्रादेशिक परिवहन विभाग के अधिकारियों ने दफ्तर के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया। आदेश का मकसद था कि विभाग के अधिकारी-कार्मिक माह के पहले दिन पैदल, साइकिल या बस से दफ्तर आएं। लेकिन आदेश की पालना अधिकारियों ने कुछ इस तरह से कर डाली कि मुख्य द्वार पर ही ताला जड़ दिया। अधिकारियों की नासमझी का नतीजा यह रहा कि यहां आने वाले वृद्ध, विकलांग और अन्य श्रेणी के वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारों की मानें तो आदेश की पालना भी महज कागजी साबित हुई। अधिकारी और कार्मिक अपनी-अपनी गाडिय़ों में बीछवाल स्थित प्रादेशिक परिवहन विभाग पहुंचे, लेकिन उन्होंने अपनी गाडिय़ां दफ्तर के दूर किनारे खड़ी कर दी। विभाग के अधिकारियों की इस नासमझी पहल की बीकानेर सिटीजन एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कड़े शब्दों में निंदा की है। एसोसिएशन के हनुमान शर्मा ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश की पालना के चक्कर में स्थानीय अधिकारियों ने वाहन चालकों को परेशानी में डाल दिया। बुधवार को दफ्तर के बाहर वाहनों की भीड़ दिखाई दी।
आदेश का पोस्टर चिपकाकर लगाया ताला
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने आदेश की पालना के लिए दफ्तर की दीवारों पर आदेश की प्रति को चस्पा कर दिया। इस संबंध में विभाग के एक अधिकारी से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि हमारा मकसद उच्चाधिकारियों के आदेश की पालना करना था, ना कि किसी वाहन चालक को परेशानी में डालना। परिवहन विभाग के शासन सचिव एवं परिवहन आयुक्त की ओर से जारी एक आदेश की पालना करने के चक्कर में प्रादेशिक परिवहन विभाग के अधिकारियों ने दफ्तर के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया।