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फर्स्ट इंडिया के बीकानेर संभाग प्रभारी लक्ष्मण राघव की खास रिपोर्ट

बीकानेर: इन दिनों बीकानेर के सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल चर्चा में है. दरअसल वे भाभी जी पापड़ को कोरोना के लिए फायदेमंद बताकर इतनी चर्चा में आ गए हैं कि सोशल मीडिया पर लगातार ट्रॉलिंग हो रही है. अब बीकानेर शहर कांग्रेस भी मंत्री जी के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में है तो वही नौकरशाह रहे पढ़े-लिखे मंत्री जी का पापड़ के प्रचार पर खूब मजाक भी बन रहा है

सुना आपने मंत्री जी को…:
यूं तो कोरोना को लेकर भाजपा के कई नेताओं के बयान चर्चा में रहे लेकिन बीकानेर के सांसद अर्जुन मेघवाल तो इन सब से मानो आगे निकल गए उन्होंने तो भाभी जी पापड़ नाम के एक पापड़ को कोरोना के खिलाफ एंटी बॉडी बनाने वाला बताते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर  बकायदा भाभीजी पापड़ की ब्रांड एंबेसडर की तरह का वीडियो डाल दिया, मानो किसी अभिनेता की तरह भी उसका प्रचार कर रहे हो. जब सोशल मीडिया पर खिंचाई शुरू हुई तो मंत्री कैंप से सफाई भी शुरू हो गई कहा गया कि वह तो लोकल फॉर वोकल हो रहे थे इतना ही नहीं देश कि नेशनल मीडिया में भी मंत्री जी की खूब खिंचाई हुई. दरअसल विवाद यहीं ख़त्म होता नहीं दिख रहा दरअसल भाभीजी पापड़ वाले ने एक और चालाकी करते हुए पुराने पापड़ के पैकेट्स पर ही इम्यूनिटी बूस्टर की की पर्ची चिपकाते हुए उसके indigrent भी बदल दिए. शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष यशपाल गहलोत तो मंत्री पर बेहद कड़वे आरोप लगा रहे है आप ही सुनिए क्या कह रहे है कांग्रेस के जिलाध्यक्ष….

अफवाह फैलाने वालों से रहे सावधान:
वहीं प्रदेश कांग्रेस के सचिव जिया उर रहमान मंत्री जी के बयान को हास्यास्पद बता रहे है.इतना ही नहीं डाक्टर्स भी केन्द्रीय मंत्री के इस बयान को हास्यास्पद स्टंट मान रहे है. अब जरा सुनिए मोदी का बयान जिसमें वो अपील कर रहे है कि अफवाह फैलाने वालों से सावधान रहें. तो क्या उनके मंत्री ही अपने प्रधानमंत्री की नहीं सुन रहे है. मेघवाल कैम्प हालांकि बचकानी सी सफाई दी रहा है कि वो तो लोकल फॉर वोकल के लिए कर रहे थे और ये तो बदनाम करने की साजिश भर है.  मंत्री अर्जुन मेघवाल सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद मीडिया से दूर चले गए है.  शायद मंत्री जी के पास भी इस सवाल का जवाब देते नहीं बन रहा होगा कि आखिर किस प्रभाव के चलते भाभीजी पापड़ की ब्रान्डिंग इस कदर कर डाली.

सवाल नम्बर 1:
क्या कोई पढ़ा लिखा और  सरकार में बैठे व्यक्ति इस तरह का भ्रामक प्रचार कर सकता है ?

सवाल नम्बर 2:
अगर उन्हें लोकल फॉर वोकल होना था तो फिर किसी खास ब्रांड का नाम क्यों लिया?

सवाल नम्बर 3:
क्या  ऐसा कर कोरोना  के प्रति आम आदमी की गंभीरता को कम करने का प्रयास कर रहे हैं?

सियासी संकट के बीच वीडियो वायरल:
इतना ही नही राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच वायरल हुए मंत्री जी के इस वीडियो ने कांग्रेस को भाजपा द्वारा लगाए जा रहे इस आरोप की काट भी दे दी है कि कोरोना में कांग्रेस सरकार होटल में बंद है. कांग्रेसी कह रहे है कम से कम हमारे नेता इस तरह का भ्रामक प्रचार तो नहीं कर रहे है जिससे आमजन कोरोना को लेकर भ्रम हो जाए. कांग्रेसी कहते है कि CM इस सियासी संकट में भी लगातार कोरोना को लेकर गंभीरता बरत रहे है.