खुलासा न्यूज,बीकानेर।स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह ने कोरोना काल के दौरान सराहनीय कार्य करने वाले ग्यारह कार्मिकों को शुक्रवार को ‘कोरोना योद्धाÓ के रूप में सम्मानित किया।इस अवसर पर प्रो. सिंह ने कहा कि इन कािर्मकों ने जिला प्रशासन द्वारा गठित विभिन्न प्रकोष्ठों में अपनी सेवाएं दी। कोरोना संक्रमण की प्रतिकूल परिस्थितियों में इनका योगदान सराहनीय है। इस दौर में मानवता की सेवा के लिए किए गए कार्यों से विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा भी बढ़ी है। प्रत्येक कार्मिक यह जज्बा बनाए रखें तथा पूर्ण सावधानी एवं सतर्कता रखते हुए कोरोना के विरूद्ध जुट रहें। प्रो. सिंह ने कहा कि वर्तमान में कोरोना का खतरा बरकरार है। ऐसे में हमें केन्द्र एवं राज्य सरकार की एडवाइजरी की पालना सुनिश्चित करनी है। इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा भी जागरुकता के सतत प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान कुलपति ने वाहन चालक भागीरथ सिंह, रूडाराम, मकबूल, देवकिशन, छगन लाल, जीत सिंह एवं मांगु सिंह, कनिष्ठ लिपिक नवरत्न प्रकाश एवं तुलसीराम तथा सहायक कर्मचारी केशरदेव एवं रेवंत सिंह को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
इस दौरान विशेषाधिकारी इंजी. विपिन लढ्ढा, सहायक आचार्य डॉ. सीमा त्यागी मौजूद रहे।

कुलपति प्रो. सिंह ने किया एसकेआरएयू ई-बुलेटिन का विमोचन
स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह ने ‘एसकेआरएयू ई-बुलेटिनÓ का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा कृषि एवं कृषक कल्याण के सतत कार्य हो रहे हैं। इन कार्यों की जानकारी आमजन तक पहुंचे, इसके मद्देनजर ई-बुलेटिन प्रारम्भ किया गया है। इसमें महीने भर के दौरान विश्वविद्यालय की प्रमुख गतिविधियों का संकलन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसे देशभर के विश्वविद्यालयों, आइसीएआर संस्थानों तथा कृषि विद्यार्थियों को भेजा जाएगा। कुलपति ने कहा कि वर्तमान दौर में कृषि से संबंधित साहित्य किसानों तक पहुंचे, इसके मद्देनजर ई-प्रकाशन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।उन्होंने कहा कि इस श्रृंखला में कृषि महाविद्यालय की पत्रिका मरु कृषक, प्रसार शिक्षा निदेशालय की चोखी खेती का नियमित प्रकाशन प्रारम्भ किया गया है। वहीं ‘ए डिकेड आफ रिसर्च अचीवमेंटÓ और ‘किसानों की प्रेरणादायी सफलता की कहानियोंÓ के ई-संस्करण का प्रकाशन भी किया गया। बुलेटिन का संपादन सहायक निदेशक (जनसंपर्क) हरि शंकर आचार्य द्वारा किया गया है। इस दौरान सम्पादक मंडल सदस्य तथा विशेषाधिकारी इंजी. विपिन लढ्ढा एवं सहायक आचार्य डॉ. सीमा त्यागी भी मौजूद रहे।