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बीकानेर। बीकानेर इंजीनियर कॉलेज के छात्रावासों का भौतिक सत्यापन करवाने की मांग को लेकर अधिवक्ता सुरेश गोस्वामी ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। इन्होनें अवगत कराया है की बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज के द्वारा संचालित छात्रावासों की स्थापना 2005-06 में की गई थी। इन छात्रावासों का संचालन बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज सोसायटी द्वारा आज दिनांक तक किया जा रहा है। बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज कैम्पस में 2005-06 में चार होस्टल बनाये गये थे। जो कॉलेज प्रशासन एवं सरकार की जनसहभागिता योजना के तहत निर्माण किये गये थे। जिसमें करीब 400-500 छात्र रह सकतें है। बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रशासन द्वारा चार छात्रावास कैम्पस में होने के बावजूद 07 छात्रावास किराये पर ले रखे थे। इन छात्रावासों में करोड़ों रूपयों का सामान बिना किसी नियम फायदे के खरीदा गया। इन सामानों में कम्प्यूटर ,वाटर कू लर , टेलीविजन ,डिश,फर्नीचर टेबल कुर्सियाँ,पलंग,गद्दे,कूलर जिम वह स्पोटर््स का सामान तथा होस्टल में खाना बनाने हेतु गैस सिलेण्डर आदि थे। बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रावासों में भष्टाचार की पराकाष्ठा है। तथा छात्रावास भष्टाचारियों का अड्डा बना हुआ है। जिनमें गैर जरूरत व्यक्ति भी उसमें रहवास कर रहे है। बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज के द्वारा संचालित छात्रावासों का 2005-06 में लेकर आज तक ना तो राज्य सरकार द्वारा भौतिक सत्यापन किया गया है। और ना ही कॉलेज प्रशासन द्वारा इसकी रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाती है। बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रतिमाह लाखों रूपये की पुस्तकें तथा सभी अखबार आते है। तथा जो भी होस्टल का चीफ वार्डन एवं वार्डन बना है। उसे तथा जो भी केयर टेकर है। उसे कॉलेज से मिलें वेतन के अलावा अतिरिक्त वेतन भुगतान किया जाता है जो नियम विरूद्व है।