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नई दिल्ली। केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र लिखकर लोगों द्वारा वॉल्व वाले एन-95 मास्क के इस्तेमाल के खिलाफ चेतावनी जारी की है. केंद्र के अनुसार यह वायरस को फैलने से नहीं रोकते और इनका इस्तेमाल वायरस की रोकथाम के लिए अपनाए गए उपायों के लिए हानिकारक है.
इस मास्क से वायरस का ट्रांसमिशन नहीं रोका जा सकता:
एडवाजरी में वॉल्वयुक्त एन-95 मास्क को लेकर स्पष्ट किया गया है कि इस मास्क से वायरस का ट्रांसमिशन नहीं रोका जा सकता है. यदि कोरोना मरीज वॉल्वयुक्त एन-95 मास्क उपयोग करता है तो इससे हर वक्त वायरस का संक्रमण फैलने का खतरा रहता है. यह एडवाजरी परसनल प्रोटेक्टिव इक्यूमेंट के दुष्प्रभार के तहत जारी की गई.
सभी राज्यों को एडवाजरी जारी की गई
प्रोग्राम के तहत राजस्थान समेत सभी राज्यों को एडवाजरी जारी की गई है. हालांकि, राजस्थान में स्रूस् समेत अन्य कई अस्पतालों में उपयोग हो रहा है. वॉल्वयुक्त एन-95 मास्क का मरीज और हेल्थ वर्कर उपयोग कर रहे हैं.
छिद्र युक्त
एन95 मास्क संक्रमण रोकने में नाकामयाब:
बता दें कि देश में ज्यादातर लोगों के मन में यही धारणा है कि साधारण कपड़े से चेहरे को कवर करने से ज्यादा अच्छा एन95 मास्क का प्रयोग करना है. लेकिन अब यह सरकार द्वारा सीधे तौर पर बता दिया गया है कि छिद्र युक्त हृ95 मास्क संक्रमण रोकने में नाकामयाब हैं.