रिश्वत मांगने के दो माह पुराने एक मामले में ट्रैप की कार्रवाई नहीं हो पाने पर शुक्रवार को एसीबी मुख्यालय ने संबंधित के खिलाफ मामला दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। इस पर शुक्रवार को एसबीबी ने संबंधित के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया। एसीबी की सैकिंड चौकी के डीएसपी वेदप्रकाश लखोटिया ने बताया कि इस वर्ष जुलाई में उन्हें फोन पर एनएच 62 के पास एक भूमि विवाद में निशानदेही देने की एवज में पटवारी के दो लाख रुपए की रिश्वत मांगने की सूचना मिली। सूचना का सत्यापन करवाया तो आरोपी ने डेढ लाख रुपए मांगे और प्रथम किश्त में पचास हजार रुपए देना तय हुआ। ट्रैप की निर्धारित तिथि को आरोपी पटवारी के जिला कलेक्ट्रेट में बैठक में शामिल होने तथा बाद में उसका स्थानांतरण हो जाने के कारण ट्रैप की कार्रवाई नहीं हो पाई। इस पर संबंधित प्रकरण एसीबी मुख्यालय भिजवाया गया। जहां से मामला दर्ज करवाने के आदेश दिए गए।

ये है मामला
परिवादी अजीतसिंह की कृषि भूमि एनएच 62 के पास है। इसके विवाद पर राजियासर थाने में परिवाद दिया गया। इसकी जांच के दौरान राजियासर एसएचओ ने सूरतगढ़ तहसीलदार को हल्का पटवारी से भूमि की निशानदेही दिलवाने के लिए कहा। पटवारी संजीव मलिक ने निशानदेही देने की एवज में दो लाख रुपए की रिश्वत की मांग की। डीएसपी लखोटिया ने सत्यापन करवाया तो आरोपी डेढ लाख रुपए लेने पर सहमत हुआ। इसमें पचास हजार रुपए पहली किस्त में तथा शेष राशि काम होने के बाद देने पर सहमति बनी।

अगले दिन ट्रैप की कार्रवाई की जानी थी। लेकिन इस दिन पटवारी संजीव मलिक को श्रीगंगानगर कलेक्ट्रेट में बैठक में बुला लिया गया। इस पर ट्रैप की कार्रवाई नहीं हो सकी तथा मलिक का ट्रांसफर घड़साना हो जाने के कारण रिश्वत राशि का लेनदेन भी नहीं हो पाया। इस पर प्रकरण एसीबी मुख्यालय भिजवाया गया। वहां से स्वीकृति के बाद एसीबी ने संबंधित के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया है।