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बीकानेर। पत्रकार सुरक्षा कानून लागू होने के बाद भी पत्रकारों की सुरक्षा रामभरोसे ही है। गुंडा तत्व इस कदर हावी हैं कि शहर में कहीं भी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।शनिवार रात को क्राइम रिपोर्टर मुकेश पूनिया अपने बेटे के साथ जूनागढ़ के सामने स्थित ठेले पर चाउमीन खरीद रहे थे। तभी एक बिना नबर की गाड़ी आई जिसमें से चार-पांच लोग नीचे उतरे और पत्रकार मुकेश पूनिया के साथ धका- मुकी करते हुए डिवाइडर की तरफ ले गए। वहां पूनिया के साथ मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी भी दी।

पत्रकार पूनिया ने तुरन्त सदर पुलिस थाने पहुंच कर सारा घटनाक्रम बताया वहां से गाड़ी में वापस घटना स्थल पर पुलिस जाते सहित पहुंचे लेकिन वहां न तो गाड़ी दिखी और न ही कोई निशानदेही मिली।इस सबन्ध में रविवार सुबह सभी पत्रकारों ने एकता दिखाते हुए एसपी निवास स्थान पर पहुंचे वहां एसपी के नाम का ज्ञापन एडिशनल एसपी पवन मीणा को सौंपा गया। मीणा ने हाथोहाथ सदर थाना पुलिस को मौकास्थल के सीसी टीवी कैमरे व छानबीन करने के निर्देश दिए।

ज्ञापन में यह हुए शामिल
श्याम मारू, भवानी जोशी, सुरेश बोड़ा, नीरज जोशी, केके सिंह, रमजान मुगल, तेजकरण हर्ष, हनुमान चारण, मोहन थानवी, पन्नालाल नागल, विक्रम जगरवाल, रवि पुगलिया, पवन भोजक, संजय पारीक, बिरमदेव रामावत, अनिल रावत, विक्रम कड़ेला सहित अनेक पत्रकार उपस्थित रहे।