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बीकानेर। पूनरासर धाम में तीन दिवसीय मेले में शुक्रवार को हजारों श्रद्घालुओं ने कतारबद्ध होकर मन्दिर में धोक लगाई और मनौतियां मांगी। मंदिर परिसर में दिन भर जय हनुमान एवं जय बाबे री गूंज होती रही। हाथों में ध्वजा, सिर पर लाल पट्ïटी व टोपी पहने युवा, बुजुर्ग, महिलाएं एवं बच्चों के पैदल यात्रियों का पूनरासर धाम पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी रहा।सेरूणा-पूनरासर एवं नौरंगदेसर-पूनरासर कच्चे मार्ग पर पिछले दो दिनों से श्रद्घालुओं की रेलमपेल बनी है। कुछ आ रहे हैं, तो कुछ दर्शन कर वापस वाहनों के जरिये अपने गंतव्य की ओर जा रहे हैं। दर्शन के लिए मन्दिर में बाहर गली तक लोगों ने खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार किया। कतार में महिलाएं, बच्चे एवं बुजुर्ग भी शामिल है। करीब 60 किलोमीटर की पैदल यात्रा के बाद भी दर्शन करने का उत्साह देखने को मिला। बाबा के दर्शन के लिए गांव में पुलिस एवं प्रशासन ने श्रद्घालुओं को पंक्तिबद्घ दर्शन कराने की व्यवस्था की है। इसके लिए मन्दिर से बाहर तक बेरिकेट लगाए गए हैं। भक्तों की भीड़ को देखते हुए यहां अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है।दूरदराज से पहुंचे पुजारीइस मेले में पूजा अर्चना एवं व्यवस्था के लिए करीब दो दर्जन से अधिक पुजारियों की टीम पहुंची है। मन्दिर श्री पूनरासर हनुमानजी पुजारी ट्रस्ट के अनुसार इस मेले को लेकर पुजारी एवं ट्रस्टीगण प्रबंधन में लगे है। पुजारी अहमदाबाद, गुवाहाटी, मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, सूरत आदि जगहों से यहां आए है। पुजारी ट्रस्ट की ओर से बनी धर्मशाला में कमरें श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए खोले गए है।भण्डारा व चिकित्सा शिविर में की सेवमन्दिर परिसर में ही पुजारी ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं के लिए चिकित्सा शिविर लगाया गया है। जहां बाहर से आने वाले भक्तों की चिकित्सा की जा रही है। यह शिविर तीन दिन तक चलेगा। पूनरासर मेले के दौरान चिकित्सा सेवा, भोजन, जल सेवा, यात्रियों को पंक्तिबद्घ एवं समग्र दर्शन के लिए सामाजिक संगठनों ने व्यापक व्यवस्था की है। बाहर से आने वाले भक्तों को मंदिर श्री हनुमानजी पुजारी ट्रस्ट की ओर से बाबा के भण्डारे से सामग्री का नि:शुल्क वितरण एवं भक्तों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए लाउड स्पीकर से ध्वनि का प्रसारण भी किया जा रहा है। प्रशासन भी इस मेले को लेकर सक्रिय है। चूरमे एवं लड्डू का भोगबाबा हनुमान के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों ने मन्दिर परिसर में ही चूरमे का प्रसाद बनाया और कतार में लग कर उसका भोग लगाया। चूरमा बनाने के लिए भक्त दिन भर लगे रहे। जहां जगह मिली वही महिलाएं चूरमा बनाने में जुट गई। इसके अलावा लड्डू, पतासा, पेड़ा व नारियल का प्रसाद का भी भोग लगाया गया। अखण्ड सुंदरकांड पाठमन्दिर परिसर में पिछले कई वर्षों से विश्व शान्ति के लिए अखण्ड सुन्दरकाण्ड पाठ किया जा रहा है जहां शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में लोगों ने इसमें सहभागिता निभाई। पूरा परिसर भक्तों से भरा हुआ था