>




नोखा। नोखा विधायक बिहारीलाल बिश्नोई ने आज शनिवार को राजभवन जयपुर में राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात कर कृषि विज्ञान केन्द्रों पर कार्यरत वरिष्ठ वैज्ञानिक, विषय वस्तु विशेषज्ञ एवं सहायक आचार्यों का सेवा स्थायीकरण एवं सातवाँ वेतनमान दिलवाने की मांग की एवं साथ ही बेमौसम बरसात व ओलावृष्टि से हुवे फसल खराबे का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।विधायक बिश्नोई ने कहा कि राज्य सरकार से वित्तपोषित स्वामी केशवानन्द राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर से संबद्ध कृषि विज्ञान केन्द्रों पर कार्यरत वरिष्ठ वैज्ञानिक, विषय वस्तु विशेषज्ञ एवं सहायक आचार्यों का पिछले 3 वर्षों से परिवीक्षाकाल जारी है, जो राजस्थान सरकार के नियमानुसार 2 वर्ष में पूर्ण हो जाता है। उपरोक्त के क्रम में 16 मार्च से विश्वविद्यालय परिसर में कार्मिकों द्वारा धरना प्रदर्शन एवं आमरण अनशन किया जा रहा है जिनकी मुख्य मांगे सेवा नियमितीकरण एवं सातवाँ वेतनमान है। विधायक बिश्नोई ने कहा कि विश्वविद्यालय की अन्य इकाइयों कृषि महाविद्यालय, कृषि अनुसंधान केन्द्र इत्यादि के कार्मिकों एवं राज्य के अन्य कृषि विश्वविद्यालयों की सभी इकाइयों को सातवें वेतनमान सहित सभी सेवा परिलाभ दिये जा चुके हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली से सातवें वेतनमान का बजट विश्वविद्यालय को प्राप्त हो चुका है जोकि यदि कार्मिको को 31 मार्च तक भुगतान नहीं हुआ तो लेप्स हो जाएगा। जिस पर महामहिम ने कृषि मंत्री लालचन्द कटारिया, सचिव राज्यपाल व विश्वविद्यालय के कुलपति को निर्देशित कर तय समय मे इन बातों का समाधान करने को कहा।विधायक बिश्नोई ने राज्यपाल से बीकानेर जिले में बेमौसम बरसात एवं औलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की
विधायक बिश्नोई ने कहा कि बीकानेर जिले में 9-10 मार्च को बेमौसम बरसात व ओलावृष्टि से किसानों के खेतों में खड़ी फसलों एवं कटकर तैयार फसलों का बहुत नुकसान हुआ है। पटवारी हड़ताल पर होने के कारण रबी की फसल की गिरदावरी नहीं होने के कारण किसान पहले से ही परेशान है। अब किसानों पर बेमौसम बरसात व ओलावृष्टि की बड़ी विपदा आई है। हालांकि राज्य सरकार ने गिरदावरी के आदेश जारी किये है। लेकिन गिरदावरी की मात्र रस्म अदायगी की जा रही है। विधायक बिश्नोई ने महामहिम से आग्रह करते हुवे कहा कि राज्य सरकार व संबंधित जिला कलेक्टरों को सख्त निर्देश जारी करवाकर बेमौसम बरसात एवं ओलावृष्टि से हुए नुकसान का सही आंकलन करवाया जाऐ और उचित मुआवजा दिलाया जाये। ताकि किसानों को राहत मिले सके।