खुलासा न्यूज,बीकानेर। भाषा, साहित्य, संस्कृति, कला, इतिहास व शोध के क्षेत्र में 60 वर्षो से सक्रीय संस्था राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति, श्रीडूंगरगढ अपनी स्थापना के 60वें वर्ष को हीरक जयंती वर्ष के रूप में मनाएगी। 1 जनवरी 1961 को स्थापित संस्था अपने डायमंड जुबली वर्ष में अनेक आयोजन करेगी और साथ ही 61 प्रतिभाओं को सम्मानित-पुरस्कृत भी करेगी । इस आशय की जानकारी देते हुए संस्थाध्यक्ष श्याम महर्षि ने बताया कि समिति का ब्रोशर जारी कर दिया गया है और वर्ष 2021 को हीरक जयंती वर्ष के रूप में समारोह पूर्वक मनाएगी। संस्था की आज की प्रतिष्ठा व सम्मान राजस्थान के शब्दशिल्पियों, इतिहासविदों व साहित्यकारों की ही देन है। इसलिए हीरक जयंती वर्ष में विभिन्न क्षेत्रों की की 61 प्रतिभाओं को इस अवसर पर पुरस्कृत व सम्मानित किया जाएगा।संस्था के मंत्री रवि पुरोहित ने बताया कि साहित्य अकादमी, दिल्ली, राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर, राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, बीकानेर, माध्यमिक शिक्षा, राजस्थान, आईसीएचआर, दिल्ली सहित देश-प्रदेश की अनेक संस्थाओं से मान्यता प्राप्त व सम्बद्ध संस्था होना तथा संगीत नाटक अकादमी, भाषा विभाग, जवाहर कला केन्द्र, संस्कृति मंत्रालय, मानव संसाधन मंत्रालय सहित अनेक प्रतिष्ठित संस्थाओं के आयोजनों से जुड़ा होना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उपाध्यक्ष बजरंग शर्मा के अनुसार संस्था डायमंड जुबली वर्ष में भाषा, साहित्य, संस्कृति, कला, इतिहास, शिक्षा, शोध, पत्रकारिता व सामाजिक सरोकारों सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय अवदान के लिए विद्वानों व प्रतिभाओं को सम्मानित व पुरस्कृत किया जाएगा। विगत 60 वर्षो में संस्था द्वारा पुरस्कृत या समादृत विद्वानों और वर्तमान कार्यसमिति, सलाहकार मण्डल व पदाधिकारियों के अतिरिक्त विज्ञजन के प्रस्ताव या आवेदन (पूर्ण परिचय सहित) 31 दिसम्बर तक संस्था को जरिए ई मेल [email protected] या डाक से भेजे जा सकते हैं। विभिन्न अवसरों पर आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं का प्रस्ताव भी विचारार्थ स्वीकार्य होगा।