युद्धभ्यास शक्ति 2019 में हुआ निर्णायक अभ्यास भारत फ़्रांस के सैनिकों ने दिखाया कौशल - Khulasa Online

युद्धभ्यास शक्ति 2019 में हुआ निर्णायक अभ्यास भारत फ़्रांस के सैनिकों ने दिखाया कौशल

युद्धभ्यास शक्ति 2019 में हुआ निर्णायक अभ्यास भारत फ़्रांस के सैनिकों ने दिखाया कौशल
महेश कुमार देरासरी
महाजन। भारतीय सेना की दक्षिण पश्चिमी कमान द्वारा  एशिया की सबसे बड़ी सेना की दक्षिण पश्चिम कमान के अंतर्गत एक विश्वस्तरीय ट्रेनिंग नोट के रूप में विकसित फील्ड फायरिंग रेंज में भारत और फ्रांस सैनिकों के बीच चल रहे संयुक्त युद्धाभ्यास में  मंगलवार को निर्णायक मुकाबला हुआ। इस अभ्यास का नाम शक्ति 2019 दिया गया। युद्धभ्यास शक्ति 2019 में एक कमजोर लोकतांत्रिक देश माना गया।  जिसमें देश मे गृह युद्ध के कारण आंतकियो ने कब्जा जमा लिया । इस देश में संयुक्त राष्ट्रीय संघ द्वारा शांति सेना भेजी गई । कब्जा जमाए बैठे आंतकियो का भारत फ्रांस की सेना ने संयुक्त कार्रवाई कर पहले पता लगाया । एक मकान में छुपे मुख्य आंतकवादी का पता लगने के चारो तरफ से घेर लिया गया । सूरज उगने के साथ ही भारत व फ़्रांसिसी आर्मी ने सयुंक्त  कार्यवाही करते हुए दुश्मन के ठिकानों पर गोलीबारी कर दुश्मनों को मारने के साथ ही उनके ठिकानों को तहस-नहस कर डाला  । युद्धाभ्यास के कारण फील्ड फायरिंग रेंज में नॉर्थकेम्प  को छावनी तब्दील कर दिया गया।  जिस स्थान पर युद्धभ्यास हुआ, उसके आसपास सैनिक तैनात नजर आए । युद्धभ्यास शक्ति 2019 के अंतिम चरण में पत्रकारों से वार्ता करते हुए सेना के रक्षा प्रवक्ता कर्नल सोम्बित घोष ने बताया कि इण्डो-यूएस के इस युद्धाभ्यास से आंतकवाद को रोकने में मदद मिलेगी । उन्होंने बताया कि फ्रांस  के साथ हुए  महत्वपूर्ण अभ्यास से दोनों देशों के सामरिक संबंधों के साथ आपसी मित्रता भी प्रगाढ़ होगी।  हम सदैव शांति प्रिय रहे हैं ,और विश्व में भी शांति स्थापना के पक्षधर हैं । यह युद्धभ्यास शक्ति 2019  दोनों देशों में शांति ऑपरेशन में एक मील का पत्थर साबित होगा । घोष ने बताया कि इस युद्धभ्यास शक्ति 2019 में भारत और फ्रांस सैनिकों के विशेष बलों के बीच वार्षिक रूप से होने वाली प्रशिक्षण की एक कड़ी है । इस बार यह युद्धभ्यास भारत की दक्षिण पश्चिम कमांड की विशेष बल इकाई द्वारा आयोजित किया गया । फ्रांस के 16 सदस्य दल व भारत के 36 सदस्य दल ने भाग लिया ।
युद्धभ्यास में सैनिकों का कठिन प्रशिक्षण
रक्षा प्रवक्ता सोम्बित घोष ने बताया कि युद्धभ्यास शक्ति 2019 में द्वैपाक्षिक संयुक्त प्रशिक्षण भारत और फ्रांसीसी सैनिकों के बीच " एक्सरसाइज़ शक्ति - 2019 मंगलवार को समाप्त हुआ।
  इस युद्धभ्यास  में अंतर - संचालन को प्राप्त करने के उद्देश्य से दोनों सेनाओं के सैनिकों हेतु युद्ध की कठिनाईयों को ध्यान में रखते हुए युद्ध अनुकूलन और कौशल को बढ़ाने के लिए शिक्षण सश्त्रों का आयोजन किया गया । पारस्परिक विश्वास को बढ़ाने के लिए दोनों देशों की शास्त्रों और उपकरणों की प्रदर्शनी लगाकर उनके संचालन और निर्देशन की जानकारी दी गई।  गुप्त सैन्य गतिविधियों द्वारा विध्वंस की क्षमता और शीघ्रगामी, स्थितिजन्य प्रतिवर्ती निशानेबाजी का भी अभ्यास भी युद्धभ्यास के दौरान किया गया।
विशव स्तर पर बनी पहचान
महाजन फील्ड फायरिंग रेंज की विश्व स्तर पर पहचान बन चुकी है। इस फायरिंग रेंज में बीते वर्षो में फ्रांस के अलावा रूस,यूके व अमरीकी सैनिकों ने भारत के साथ कई सयुंक्त युद्धभ्यास को अंजाम देकर शक्ति व हथियारों का प्रदर्शन किया है।
युद्धभ्यास में सहयोगी बने मकान
विस्थापन के बाद फिलहाल रेंज एरिया में खण्डर बन चुके मकान सेना में लिए बड़े कारगर सिद्ध हो रहे है। समय समय पर होने वाले युद्धभ्यास में इन मकानों को काल्पनिक दुश्मन के ठिकाने मानकर बम व गोलियां बरसाई जाती है। युद्धभ्यास में यह मकान महत्ती भूमिका अदा करते है। इन मकानों में आज जीवन शून्य है । फिर भी अभ्यास के दौरान इनका वास्तविक गांव के रूप में उपयोग किया जाता है।
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