नशे के शिकंजे में युवा: रंजनीगंधा में यह पाउडर मिलते ही कीमत हो जाती है 4000 रुपये - Khulasa Online

नशे के शिकंजे में युवा: रंजनीगंधा में यह पाउडर मिलते ही कीमत हो जाती है 4000 रुपये

शिव भादाणी बीकानेर। बीकानेर का युवा खतरनाक ड्रग्स एमडी की जकड़ में आने लगा है। एमडी यानी एमडीएमए। फिल्म नगरी मुंबई में यह ड्रग्स बॉलीवुड पार्टियों में उपयोग में ज्यादा आता है। बीकानेर में भी सर्वाधिक सप्लाई नागौर, नोखा व मुंबई से ही हो रही है। बताया जा रहा है कि मुंबई में यह यूरोप से तस्करी करके लाया जाता है। बीकानेर एवं इसके आस-पास के इलाकों में यह मादक पदार्थ एमडी 2500 से 3000 हजार रुपए प्रति ग्राम में बिक रहा है जो कोकीन के बाद सबसे महंगा है। युवा इसका सेवन विभिन्न वैरायटी के गुटखा के साथ कर रहे हैं। कुछ पानी में घोलकर भी पीते हैं यह क्रिस्टल जैसा होता है और घुलनशील है। खुलासा की पड़ताल में सामने आया है कि बीकानेर में यह एमडी चुनिंदा दुकानों एवं होटलों पर कोडवर्ड से बिक रहा है। यह नशा ज्यादा रंजनीगंधा में मिलाकर करते है जिससे मुंह में काफी समय तक इसकी लार रहती है और आदमी मस्त रहता है यह नशा शरीर में जाकर एक बार सुन्न पैदा कर देता है। शहर के इन इलाकों में बिकता है सबसे ज्यादा जयनारायण व्यास कॉलोनी, मुक्ता प्रसाद, मुरलीधर व्यास कॉलोनी, बड़ा बाजार, मोहता चौक, छबीली घाटी, उस्तों बारी, नत्थुसर गेट, हरलोई हनुमान मंदिर चौपड़ा बाड़ी, चौखंूटी पुलिए के पास, कोटगेट थाना सहित आदि इलाकों में कई ऐसे युवा है जो बाहर से एमडी मंगवाते है और आगे सप्लाई करते है। युवा इसको रंजनीगंधा में मिलाकर एमडी का सेवन करता है जिससे की यह शरीर में असर करती है। देर रात तक खुली चाय की दुकानों पर बिकता है नशा प्राय: शहर में शहर से बाहरी इलाकों में देर रात चाय की दुकानें खुली रहती है जहां पर नशेडिय़ों का जमावाड़ा रहता है और साथ में इन जगहों से सभी को नशे का सामान आसानी से मिल जाता है। कई ऐसे चाय के दुकानदार है जो चाय में डोडा मिलाकर लोगों को पिलाते है जिससे उनकी चाय में अलग ही स्वाद आता है और शरीर में नशे पहुंच जाता है। एमडी को चावल का दाना कहा जाता है। कोई भी दुकानदार इसे एमडी के नाम से नहीं देता। हां, चावल कहते ही मिल जाता है। अकेले बीकानेर शहर में इस एमडी की रोजाना की खपत 4 लाख रुपए से भी अधिक की बताई जा रही है, जिसको शहर के आठ-दस लोग ही मुख्य रूप से संचालित करते हैं। इन 8-10 लोगों के नीचे कई दुकानदार एवं होटल-ढाबा संचालक हैं जो इसकी बिक्री करते हैं। पुलिस की अब इन पर पैनी नजर है। पुलिस कार्रवाई की फिराक में है। कोकीन के बाद सबसे महंगा नशा, बॉलीवुड में इसी का सबसे ज्यादा उपयोग यह चावल के दानों से बड़ा होता है। कोडवर्ड से मांगने पर ही और मांगने वाले की नशेड़ी शक्ल देखकर ही विक्रेता इसे बेच रहे हैं। बेचते वक्त भी पूरी सावधानी बरतते हैं ताकि पकड़े न जाएं। यह चीनी जैसा सफेद होता है, जिसका सेवन करते ही नशा करने वाले शख्स का शरीर सुन्न पड़ जाता है। इसका एक बार सेवन करने से कई घंटे नशा रहता है। बीकानेर में यह एक ग्राम, दो ग्राम, 8 ग्राम, 13 ग्राम, 15 ग्राम, 20 ग्राम व 50 ग्राम या इससे अधिक वजन में पुडिय़ा में बिक रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार एमडी मतलब एक्सटैसी को कोकीन के बाद सबसे महंगा नशा बताया जाता है जो खासतौर से बॉलीवुड की पार्टियों में नशे के रूप में उपयोग किया जाता है। बीकानेर पूरे जिले में इसका जाल फैलता जा रहा है। कुल मिलाकर बीकानेर का युवा नशे की जकड़ में है और खास तौर पर यहां पर स्मैक, अफीम और एमडी का नशा सबसे अधिक हो रहा है। इसी का परिणाम ये भी है कि यहां पर चोरी की वारदातें लगातार बढ़ती जा रही हैं। आदत पूरी करने के लिए युवा पीढ़ी चोरी जैसे काम में फंस रही है। कुछ शौकीन भी इसकी गिरफ्त में हैं। पकड़े न जाएं इसलिए सतर्कता बरत रहे हैं एमडी नशे को बीकानेर शहर एवं इसके 20-25 किलोमीटर के एरिया में इसको चावल के कोडवर्ड के नाम से बेचा जाता है। वहीं जिले के अन्य क्षेत्रों में इसके मुख्य सप्लायरों ने अलग-अलग कोडवर्ड रख रखे हैं। इससे इनके मुख्य तस्कर एवं निचले स्तर पर बिक्री करने वालों के बारे में किसी को भनक तक नहीं लगे। खुलासा टीम ने शहर से लेकर गांव के कई थाना इलाको में पड़ताल की तो उसमें पाया कि शहर से लेकर कस्बों तक नशे का पूरा नेटवर्क फैला है। एमडी नशे के बारे में जानता हर कोई है, लेकिन इसकी खरीद कोडवर्ड से ही होती है। अगर बगैर कोर्ड वर्ड के इसको मांगा जाता है तो कोई भी इसको नहीं देता है।
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