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अन्वेषा सैटेलाइट रास्ते से भटका, मिशन फेल, अन्वेषा सहित 15 सैटेलाइट लेकर गया था

चीन की चाल हो, या पाक के आतंकी… 600 KM ऊपर से सब कैद कर लेगा ISRO का ‘दिव्य दृष्टि’ सैटेलाइट, अन्वेषा लॉन्‍च

खुलासा न्यूज़। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) का PSLV-C62 मिशन सोमवार को तकनीकी खराबी के कारण फेल हो गया। इस मिशन के तहत PSLV रॉकेट से अन्वेषा सैटेलाइट और 14 को-पैसेंजर सैटेलाइट को लॉन्च किया गया था मिशन के तीसरे चरण में तकनीकी गड़बड़ी आ गई, जिसके कारण रॉकेट अपने रास्ते से भटक गया। अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट (EOS-N1) अन्वेषा को धरती से करीब 600 किलोमीटर ऊपर सूर्य-समकालिक कक्षा (Sun-Synchronous Orbit – SSO) में तैनात करने की योजना थी ISRO प्रमुख डॉ. वी. नारायणन ने कहा कि PSLV रॉकेट का प्रदर्शन तीसरे चरण के अंत तक सामान्य रहा। हालांकि, तीसरे चरण के आखिर में रॉकेट के घूमने की गति में थोड़ी ज्यादा गड़बड़ी दिखी, इसके बाद वह रास्ता भटक गया।

अन्वेषा सैटेलाइट को DRDO ने विकसित किया है। यह एक उन्नत इमेजिंग क्षमता वाला खुफिया उपग्रह है, जो— घने जंगलों, झाड़ियों, बंकरों छिपे हुए ठिकानों में मौजूद दुश्मनों या संदिग्ध गतिविधियों की हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरें ले सकता है।
यह सैटेलाइट Hyper Spectral Remote Sensing (HRS) तकनीक पर आधारित है, जिसकी खासियत है— साधारण कैमरा जहां 3–4 रंगों को पहचानता है, वहीं HRS सैकड़ों रंगों (स्पेक्ट्रम) को पहचान सकता है। इससे यह पता चल जाता है कि तस्वीर में क्या सामग्री या गतिविधि है— मिट्टी की किस्म, पौधों की स्थिति, मानव गतिविधि, वाहनों और ठिकानों की पहचान। यह सैटेलाइट सुरक्षा, सीमाई निगरानी और सामरिक मामलों में भारत की क्षमताओं को मजबूत करेगा।
इस मिशन के तहत कुल 15 सैटेलाइट लॉन्च किए गए— 7 भारतीय फ़ेडरल-स्पेस सैटेलाइट—इनमें से अधिकतर हैदराबाद की ध्रुवा स्पेस कंपनी के हैं। 8 विदेशी सैटेलाइट—फ्रांस, ब्राजील, नेपाल और यूके के शामिल। यह पहली बार है जब किसी भारतीय निजी कंपनी ने PSLV मिशन में इतनी बड़ी भागीदारी निभाई है।
PSLV वह रॉकेट है जिसने भारत को कई ऐतिहासिक सफलताएं दिलाई— चंद्रयान-1, मंगलयान, आदित्य-L1 अब अन्वेषा मिशन के साथ PSLV ने अपनी सफलता का एक और अध्याय जोड़ दिया है।

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