
ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ का ऐलान, भारत पर पड़ेंगे ये 10 बड़े असर, जिससे पड़ेगी सीधे आपकी जेब पर असर





ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ का ऐलान, भारत पर पड़ेंगे ये 10 बड़े असर, जिससे पड़ेगी सीधे आपकी जेब पर असर
खुलासा न्यूज़। डोनाल्ड ट्रंप ने रेसिप्रोकल टैरिफ नीति की घोषणा कर दी है, इसका वैश्विक व्यापार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। यह नीति उन देशों पर समान आयात शुल्क लगाने पर केंद्रित है जो अमेरिकी सामानों पर उच्च टैरिफ लगाते हैं। इसका असर न केवल व्यापार और अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, बल्कि आपकी रोजमर्रा की जिंदगी और जेब पर भी सीधा प्रभाव डालेगा। आइए, जानते हैं इसके भारत पर पड़ने वाले 10 सबसे बड़े असर, जो आपकी आर्थिक स्थिति को बदल सकते हैं।
दवाओं की कीमतों में उछाल: भारत अमेरिका को हर साल करीब 12.7 अरब डॉलर की जेनेरिक दवाएं निर्यात करता है। रेसिप्रोकल टैरिफ लागू होने से इन दवाओं पर शुल्क बढ़ सकता है, जिससे दवा कंपनियों की लागत बढ़ेगी। इसका असर भारत में भी दवाओं की कीमतों पर पड़ सकता है, जिससे आपकी मेडिकल खर्च की योजना प्रभावित होगी।
खाद्य तेल और कृषि उत्पाद होंगे महंगे: खाद्य तेल जैसे नारियल और सरसों तेल पर 10.67% टैरिफ अंतर की संभावना है। इससे इनकी कीमतें बढ़ेंगी, जो आपकी रसोई के बजट को सीधे प्रभावित करेगा। साथ ही, निर्यात में कमी से किसानों की आय पर भी असर पड़ेगा।
डेयरी उत्पादों की लागत में इजाफा: डेयरी सेक्टर में 38.23% टैरिफ अंतर की बात है। घी, मक्खन और दूध पाउडर जैसे उत्पादों की कीमतें बढ़ सकती हैं। निर्यात प्रभावित होने से भारत में इनकी कीमतें सस्ती हो सकती हैं, लेकिन किसानों की कमाई घटने से अप्रत्यक्ष रूप से आपकी जेब पर बोझ बढ़ेगा।
आभूषणों पर दोहरा प्रभाव: भारत अमेरिका को 11.88 अरब डॉलर के सोने, चांदी और हीरे निर्यात करता है। 13.32% टैरिफ से ये अमेरिका में महंगे होंगे, लेकिन भारत में सस्ते हो सकते हैं। इससे आपके आभूषण खरीदने के फैसले पर असर पड़ सकता है।
कपड़े और टेक्सटाइल होंगे महंगे: भारत का टेक्सटाइल निर्यात अमेरिका के लिए अहम है। टैरिफ बढ़ने से कपड़े और वस्त्रों की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे आपके वार्डरोब का खर्च बढ़ सकता है।

