नए साल 2022 में खूब बजेगी शहनाइयां - Khulasa Online

नए साल 2022 में खूब बजेगी शहनाइयां

खुलासा न्यूज,बीकानेर। नए साल 2022 में शादियों के शुभ मुहूर्त की भरमार है। लंबे अर्से तक कोरोना महामारी की वजह से फीके चल रहे शादियों का सीजन को वर्ष 2022 में कुछ राहत की उम्मीद जगी है। वर्ष 2021 का अंतिम सावा हालांकि 13 दिसम्बर को होगा। उसके बाद सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने पर खरमास शुरू होने से विवाह और मांगलिक आयोजन वर्जित माने गए हैं। विवाह मुहूर्त की गणना क रते समय शुक्र तारा और गुरु तारा पर विचार किया जाता है। बृहस्पति और शुक्र के अस्त होने पर विवाह और अन्य मांगलिक कार्यक्रम नहीं किए जाते है। इसलिए, इस दौरान विवाह टालने का विधान बताया गया है। शुभ विवाह मुहूर्त -2022 जनवरी ----22, 23 और 24 जनवरी फरवरी ----04, 05, 06, 07, 08, 10,18 और 19 अप्रैल ----15, 16, 17, 19, 20, 21, 22, 23, 24 और 27 मई -------02, 03, 09, 10, 11, 12, 15, 17, 18, 19, 20, 21, 26, 27 और 31 जून ------01, 05, 06, 07, 08, 09, 10, 11, 13, 17, 23 और 24 जुलाई -----04, 06, 07, 08 और 09 जुलाई नवंबर -----25, 26, 28 और 29 नवंबर दिसंबर ------01, 02, 04, 07, 08, 09 और 14 दिसंबर ( ज्योतिषियों के अनुसार कुछ पंचांग में भेद होने के कारण मुहूर्त की तिथि में परिवर्तन हो सकता है। ) इन 3 महीनों में नहीं होगी शादी वर्ष 2022 में तीन महीने अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में चातुर्मास के कारण एक भी विवाह मुहूर्त नहीं रहेगा। इसके अलावा पूरे साल शादियों के शुभ मुहूर्त की झड़ी लगी हुई है। चातुर्मास में जब भगवान विष्णु क्षीर सागर में चार महीने के लिए योग निद्रा में चल जाते हैं तब विवाह समारोह संपन्न नहीं किए जा सकते हैं। विवाह मुहूर्त में लग्न का महत्व शादी-ब्याह के संबंध में लग्न का अर्थ होता है फेरे का समय। लग्न का निर्धारण शादी की तारीख तय होने के बाद ही होता है। यदि विवाह लग्न के निर्धारण में गलती होती है तो विवाह के लिए यह एक गंभीर दोष माना जाता है। विवाह संस्कार में तिथि को शरीर, चंद्रमा को मन, योग व नक्षत्रों को शरीर का अंग और लग्न को आत्मा माना गया है यानी लग्न के बिना विवाह अधूरा होता है।
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