महाजन हादसे में बची इकलौती बेटी, लोगों में रोष, धरना-प्रदर्शन कल, प्रशासन मौन

खुलासा न्यूज, बीकानेर। महाजन हादसे में अब इकलौती बेटी बची है। महज दस-बारह साल की जीविका पीबीएम अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में भर्ती है। सामान्य उपचार के बाद उसे ट्रोमा सेंटर के ही एक वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। वो हर आने-जाने वालों से अपने माता-पिता और बहन के बारे में पूछ रही है लेकिन उसके सवालों का जवाब किसी के पास नहीं है। सडक़ों पर मौत बनकर ओवरलोड वाहन दौड़ रहे है, प्रशासन मौन है। इस हादसे को लेकर लोगों में आक्रोश है। कल यानी सोमवार को जैतपुर टोल नाके पर भारतीय किसान संघ के बैनर तले धरना प्रदर्शन होगा। यह जानकारी विक्रम सिंह राठौड़ ने दी है।

यह है पूरा घटनाक्रम महाजन के छिपलाई गांव में रहने वाले इमीलाल भादू के बेटे जगदीश भादू के परिवार में दो बेटियां और पत्नी ही थे। ये सभी गांव से खेत की ओर जा रहे थे। महज चालीस साल के जगदीश अपनी पत्नी और बेटियों के साथ गांव से कुछ दूर ही निकलकर मुख्य मार्ग पर आए ही थे कि पीछे से आ रहा एक ट्रक ट्रेलर उनके ऊंट गाड़े पर आ गिरा। अचानक हुए इस हादसे में जगदीश पूरी तरह नीचे दब गए। ट्रक में करीब बारह सौ क्विंटल ग्रीट थी। भारी भरकम ट्रक के नीचे दबने से जगदीश की सबसे पहले मौत हुई। उसकी पत्नी और दोनों बेटियों के शरीर का अधिकांश हिस्सा दबा हुआ था लेकिन कुछ बाहर भी था।
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