महिला स्वावलंबन से ही बदलेगा आर्थिक युग का स्वरुप

खुलासा न्यूज,बीकानेर। महिला अधिकारिता, बीकानेर जिला उद्योग संघ, श्री जी धूमावती चेरिटेबल ट्रस्ट, सेठ सुन्दरलाल डागा चेरिटेबल ट्रस्ट एवं भामाशाह सुरेंद्र जैन के संयुक्त तत्वावधान में इंदिरा महिला शक्ति कौशल सामथ्र्य योजना के अंतर्गत सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन बीकानेर जिला उद्योग संघ परिसर में हुआ। महिला अधिकारिता विभाग उपनिदेशक मेघा रतन ने बताया कि महिला स्वावलंबन को बढावा देना विभाग का मुख्य उद्देश्य है साथ ही विभाग द्वारा जारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला उद्योग केंद्र महाप्रबंधक मंजू नैन गोदारा ने बताया कि उद्योग विभाग द्वारा अनेक ऐसी योजनाएं है जो महिलाओं को खुद का व्यवसाय शुरू करने हेतु ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है जिससे महिलाएं आत्मनिर्भरता की और अधिक गति से आगे बढ़ सकेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बाफना स्कूल के सीईओ डॉ. पी.एस. वोरा ने सभी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने हेतु प्रोत्साहित करते हुए घरों से बाहर आकर स्वावलंबी बनकर देश की, राज्य की, जिले की और अपने परिवार की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना चाहिए। बीकानेर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने बताया महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से भामाशाहों के सहयोग से 3 माह तक समाज के प्रत्येक वर्ग की 41 महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण दिया गया और प्रमाण पत्र वितरित किये गये। इस पूरे आयोजन के सफल संयोजन में कार्यक्रम संयोजक वीरेंद्र किराडू का विशेष योगदान रहा। भामाशाह सुरेंद्र जैन एवं एवंत डागा ने बताया कि महिला स्वावलंबन से ही बदलेगा आर्थिक युग का स्वरुप और प्रशिक्षित महिलाओं द्वारा बनाए गये माल को बिक्री करवाने में हमारा पूर्ण सहयोग रहेगा और सेठ सुंदरलाल डागा चेरिटेबल ट्रस्ट महिला स्वावलंबन के लिए तन मन धन से सहयोग करने को तैयार है साथ ही स्वयं एवं ट्रस्ट के माध्यम से प्रशिक्षित महिलाओं को माल बनाने एवं अप्रशिक्षित महिलाओं को प्रशिक्षण हेतु 8 सिलाई मशीनें दिलाने की घोषणा की। इस अवसर पर सिलाई प्रशिक्षक सुनीता पुरोहित,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शशी पुरोहित,नरेश मित्तल,भंवरलाल चांडक,कुन्दनमल बोहरा, शिवरतन पुरोहित, विनोद जोशी,राजाराम सारडा, श्रीधर शर्मा आदि उपस्थित हुए।
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