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बीकानेर: स्मार्ट सिटी योजना के तहत तैयार हो गई सूची, जाने क्या-क्या होंगे काम

बीकानेर: स्मार्ट सिटी योजना के तहत तैयार हो गई सूची, जाने क्या-क्या होंगे काम

स्मार्ट सिटी योजना के तहत बीकानेर को मिले 80 करोड़ रुपए से होने वाले कामों की सूची तैयार हो गई है। सूची में इतने भारी-भरकम काम लिए गए हैं कि यह राशि ही कम हो जाएगी। बावजूद इसके सार्वजनिक वाहन चार्जिंग सेंटर, जमीन के नीचे सभी तारों को एक डक्ट में शामिल करने, सीसीटीवी, चौराहों और सड़कों पर नई बत्तियां तथा सड़कों पर ट्रैफिक का उल्लंघन करने पर ऑटोमेटिक चालान होने जैसे काम होंगे। जानकार कहते हैं कि अगर सच में बीकानेर की दशा और दिशा सुधारनी है तो कम से कम 2000 करोड़ रुपए चाहिए। क्योंकि स्मार्ट सिटी योजना से जो 80 करोड़ रुपए मिले हैं, उससे हर क्षेत्र में एक-एक मॉडल काम ही तैयार हो पाएंगे। मगर मॉडल काम इक्का-दुक्का जगह ही बनेंगे, जबकि जरूरत पूरे शहर में है। कोटा में सरकार ने 5500 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। वहां काम नजर भी आता है।

बीकानेर में भी आमूल-चूल बदलाव और विकास के लिए कम से कम 2000 करोड़ रुपए तो चाहिए, तभी कुछ बदलाव देखा जा सकेगा। इस राशि से होने वाले कामों के लिए तमाम विभागों के अधिकारियों की एक टीम बनाई गई थी, जिसने पूरे शहर में होने वाले कामों की सूची तैयार की है। 21 जनवरी को कमेटी के सचिव और आरयूआईडीपी के एक्सईएन दीपक मांडन ने रिपोर्ट निगम और जिला प्रशासन के अधिकारियों को भेज दी है। अब यह रिपोर्ट जयपुर जाएगी और उसके बाद काम होने शुरू होंगे।

विरासत संरक्षण एवं स्मार्ट पर्यटन

स्मार्ट हेरिटेज वॉक – जूनागढ़ किले, विरासत मार्ग आदि के लिए नागरिक ऐप और क्यूआर/एआर आधारित निर्देशित पर्यटन स्थल बनेगा।
हवेलियों को बुटीक कैफे और गैलरी में परिवर्तित करने के लिए काम होगा।
शहर के द्वार और अन्य विरासत परिसरों का मुखौटा सुधार एवं लाइटिंग होगी।
हरसोलाव, संसोलाव, पुराने कुओं आदि जैसी पुरानी विरासत जल संरक्षण संरचनाओं का जीर्णोद्धार एवं पुनर्विकास।
स्मार्ट मोबिलिटी एवं बहु-मॉडल एकीकरण

रतन बिहारी पार्क, केईएम रोड बीकानेर में मल्टी-स्टोरी पार्किंग बनेगी।
ईवी चार्जिंग ग्रिड, जगह-जगह चार्जिंग प्वाइंट बनेंगे।
पर्यटकों और नागरिकों के लिए ई-बाइक शेयरिंग प्रणाली।
जलवायु अनुकूलन एवं हरित आवरण

जलवायु कार्रवाई प्रकोष्ठ की स्थापना।
तापमान और आर्द्रता मापने के लिए आईओटी माइक्रो क्लाइमेट स्टेशन बनेगा।
शीतल छत पहल – घनी आबादी वाले शहरी वार्डों की सड़कों पर एक कोटिंग होगी, जिससे लोगों को गर्मी कम महसूस होगी।
ये भेजे प्रस्ताव

सार्वजनिक उपयोगिता पाइप, यानी एक ऐसी डक्ट बनेगी, जिसके अंदर जमीन के नीचे से गुजर रहे सारे पाइप समाहित होंगे।
शहर में कुछ जगह वाई-फाई, सीसीटीवी, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग और एलईडी लाइटिंग से लैस सोलर स्मार्ट पोल।
स्मार्ट कूड़ेदान, यानी जो बड़े कूड़ेदान हैं, वे 75 प्रतिशत भरने पर एक मैसेज भेजेंगे और कचरा सेंटर खाली करने के लिए सूचना जाएगी।
स्ट्रीट वेंडरों का पुनर्विकास होगा। इन सभी को एक स्थायी जगह मिलेगी।
वर्षा जल संचयन संरचनाओं के निर्माण सहित जल निकासी मरम्मत कार्य।
एआई आधारित अनुकूल यातायात बत्तियों का उपयोग कर स्मार्ट यातायात प्रबंधन प्रणाली। इसमें यातायात उल्लंघन करने पर ऑटोमेटिक चालान हो जाएगा।
दिव्यांगजन को अनुकूल क्रॉसिंग और रैंप मिलेंगे।

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