
शिक्षा सचिव ने विभाग के अधिकारियों को दिये निर्देश कि बोर्ड परीक्षाओं में 50 फीसदी बच्चे 75 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त करें




शिक्षा सचिव ने विभाग के अधिकारियों को दिये निर्देश कि बोर्ड परीक्षाओं में 50 फीसदी बच्चे 75 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त करें
बीकानेर। राजस्थान शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि आगामी बोर्ड परीक्षाओं में कक्षा 10वीं और 12वीं के कम से कम 50 फीसदी विद्यार्थी 75 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त करें।
पिछले महीने हुए मूल्यांकन में जोधपुर को राज्य के सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों में से एक बताए जाने के बाद गुरुवार को हुई एक समीक्षा बैठक में ये निर्देश जारी किए गए। शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल ने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि शिक्षक छात्रों को सप्ताह में कम से कम तीन बार होमवर्क दें, उसकी नियमित जांच करें और मूल्यांकन के बाद आवश्यक सुधारात्मक कार्य करें।
जोधपुर में गुरुवार को हुई बैठक में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे मात्रात्मक कार्य के बजाय गुणात्मक परिणामों पर ध्यान केंद्रित करें, जिसकी शुरुआत बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में सुधार से हो। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि कम से कम 50 फीसदी छात्र बोर्ड परीक्षाओं में 75 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त करें।”
चालू शैक्षणिक सत्र में कम किए जाएंगे शिक्षण दिवस
चूंकि राज्य शिक्षा विभाग अगला शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू करने की योजना बना रहा है, इसलिए चालू शैक्षणिक सत्र में शिक्षण दिवस कम किए जाएंगे और 10-15 शिक्षण दिवसों का अंतराल रखा जाएगा। इस अंतराल को पूरा करने के लिए, सचिव ने अधिकारियों को अतिरिक्त प्रयास करने के निर्देश दिए हैं ताकि बोर्ड कक्षाओं का पाठ्यक्रम समय पर पूरा हो सके और छात्रों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
पाठ्यक्रम समय पर पूरा करने के निर्देश
शैक्षणिक सत्र में बदलाव के इस संक्रमण काल में, जब विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य चल रहा है और अगले वर्ष जनगणना का कार्य भी शुरू होने की संभावना है, सचिव ने शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि पाठ्यक्रम समय पर पूरा करना सुनिश्चित करें। हालांकि पाठ्यक्रम में कटौती नहीं की जाएगी, लेकिन विभाग द्वारा प्रश्नपत्र में अधिक विकल्प या मध्यावधि परीक्षा के लिए बोनस अंक जैसे प्रावधानों पर विचार किया जा रहा है।
डीईएआर को प्राथमिकता देने का निर्देश
राजस्थान शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल ने अधिकारियों को ड्रॉप एवरीथिंग एंड रीड डीईएआ पहल को प्राथमिकता देने का भी निर्देश दिया ताकि छात्रों की समझने की क्षमता बढ़ सके। बैठक में सचिव ने आगे कहा समझने की क्षमता तभी बेहतर हो सकती है जब छात्र पढ़ें, इसलिए शिक्षकों को पठन अभियान पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। जब तक छात्र पढक़र समझ नहीं लेते, तब तक उनके लिए प्रश्नों के उत्तर देना कठिन रहेगा।




