
नकल के मामले में दस हजार रुपए इनामी आरोपी को एसओजी ने बीकानेर से दबोचा




नकल के मामले में दस हजार रुपए इनामी आरोपी को एसओजी ने बीकानेर से दबोचा
बीकानेर। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप एसओजी ने भर्ती परीक्षा राज्य अधिकारी ग्रेड-द्वितीय एवं अधीनस्थ अधिकारी में नकल के मामले में 10 हजार रुपए के इनामी अभियुक्त को बीकानेर से गिरफ्तार किया है। आरोपी तुलछाराम कालेर और पौरव कालेर गैंग के सम्पर्क में था। उसने सालासर से करवाई गई नकल में हिस्सा लिया था।
एसओजी ने कार्रवाई करते हुए बीकानेर के कालू निवासी मितेश कुमार को दबोच लिया है। एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि राज्य अधिकारी ग्रेड-द्वितीय एवं अधीनस्थ अधिकारी वर्ग-द्वितीय राजस्थान प्रशासनिक सेवा भर्ती परीक्षा-2022 के दौरान अनुचित साधनों के उपयोग की शिकायतें सामने आई थीं।
ब्लूटूथ से करवाई थी नकल
जांच में खुलासा हुआ कि एक संगठित गिरोह द्वारा परीक्षा के दौरान उम्मीदवारों को ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से नकल कराई जा रही थी। इस संबंध में एसओजी थाना जयपुर में प्रकरण दर्ज कर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अनुसंधान किया गया। जांच के दौरान वांछित अभियुक्त मितेश कुमार फरार चल रहा था, जिस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।
एसओजी टीम ने 8 जनवरी को अभियुक्त मितेश कुमार पुत्र हरिराम जाट निवासी खारी कालू को गिरफ्तार कर लिया। अब तक इस प्रकरण में कुल 31 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अभियुक्तों की धरपकड़ में एसओजी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
परीक्षा में स्पेन से मंगवाए स्पाई कैमरा किए यूज
एसओजी जांच में यह भी उजागर हुआ कि संगठित नकल गिरोह का सरगना पौरव कालेर था, जिसने सालासर क्षेत्र से मोबाइल फोन के जरिए परीक्षार्थियों को उत्तर उपलब्ध कराए थे।
नकल के लिए गिरोह ने स्पेन से लगभग 90 हजार रुपए में इनोवा केम ड्रॉप बॉक्स नामक स्पाई कैमरा मंगवाया था। परीक्षा केंद्र में प्रश्न पत्र मिलने के बाद अभ्यर्थियों ने इस कैमरे से प्रश्नों के स्क्रीनशॉट लेकर बाहर बैठे गिरोह के सदस्यों को भेजे, जिन्हें अन्य सहयोगियों की ओर से हल किया जाता था।




