तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार प्रारम्भ राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री कलराज मिश्र होंगे मुख्य अतिथि - Khulasa Online

तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार प्रारम्भ राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री कलराज मिश्र होंगे मुख्य अतिथि

बीकानेर। देशभर के प्रसार क्षेत्र के कृषि वैज्ञानिकों का तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार गुरुवार को स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय में शुरू हुआ। पहले दिन मानव संसाधन विकास निदेशालय तथा कृषि विकास प्रबंधन संस्थान सभागार में आयोजित तकनीकी सत्रों में तीन विषयों पर कृषि वैज्ञानिकों एवं विद्यार्थियों ने गहन मंथन किया। कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह ने बताया कि इंडियन सोसायटी आॅफ एक्सटेंशन एज्यूकेशन (आइएसईई) द्वारा विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान् में आयोजित इस सेमिनार का उद्घाटन सत्र शुक्रवार को प्रातः 11 बजे विश्वविद्यालय के जिम्नेजियम हाॅल में आयोजित होगा। समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री कलराज मिश्र होंगे। इससे संबंधित समस्त तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। इसमें कृषि वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों के अलावा प्रगतिशील किसान भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान सेमिनार के सोवेनियर का लोकार्पण होगा तथा पुरस्कार दिए जाएंगे। इससे पहले गुरुवार को ‘बदलते ग्रामीण परिवेश में कृषि विकास के समग्र दृष्टिकोण’ विषयक सेमिनार के तीन तकनीकी सत्र आयोजित हुए। ‘प्रसार तंत्र सुदृढ़ीकरण’ विषयक सत्र के चेयरमैन धारवाड़ के डाॅ. एम. एन. नटराजू तथा को-चेयरमैन करनाल के डाॅ. के. पोन्नुस्वामी थे। इस सत्र में रिपोटियर्स के रूप में केवीके झुंझुनूं प्रभारी डाॅ. दयानंद तथा आईआईडब्ल्यूबीआर करनाल के डाॅ. सत्यवीर सिंह थे। इस दौरान शोधार्थियों द्वारा विभिन्न शोधपत्र पढ़े गए। दूसरा सत्र ‘समन्वित खेती और प्रसार योजना’ विषय पर था। इस सत्र में बैंगलुरु के डाॅ. के. वैंकटरंगा नायका चेयरमैन, तमिलनाडू के डाॅ. सी. कार्तिकेयन को-चेयरमैन के रूप में मौजूद रहे। वहीं टोंक के डाॅ. धर्मवीर सिंह और डाॅ. एस. के. विश्नोई ने रिपोटियर्स की भूमिका निभाई। तीसरे सत्र का विषय ‘बदलता ग्रामीण परिवेश’ था। इस सत्र में नवसारी के डाॅ. एन. एम. चौहान चेयरमैन तथा जूनागढ़ के डाॅ. एन. बी. जाधव को-चेयरमैन थे। वहीं रिपोटियर्स के रूप में डाॅ. सीमा चावला और जम्मू-कश्मीर के डाॅ. पूरन परिहार मौजूद रहे। कृषि वैज्ञानिकों से मिले कुलपति कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह ने तीनों सत्रों में भागीदारी निभाई तथा देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कृषि वैज्ञानिकों से मुलाकात करते हुए विश्वविद्यालय की गतिविधियों के बारे में बताया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों से आए वैज्ञानिकों के पंजीयन, आवास, भोजन सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की। कुलपति ने कहा कि बीकानेर में आयोजित यह राष्ट्रीय सेमिनार तकनीकी आदान-प्रदान के दृष्टिकोण से महत्त्वपूर्ण सिद्ध होगा। शोधार्थियों ने प्रदर्शित किए पोस्टर सेमिनार के पहले दिन दो विषयों पर पोस्टर प्रदर्शित किए गए। इसमें विभिन्न क्षेत्रों से आए विद्यार्थियों ने भागीदारी निभाई। इस सत्र में निर्णायकों की भूमिका डाॅ. मधु शर्मा, डाॅ. पी. के. यादव तथा जम्मू-कश्मीर के डाॅ. नरेन्द्र पाॅल ने निभाई। शुक्रवार को प्रातः 9 से 10ः30 बजे तक पोस्टर सत्र आयोजित होगा। वहीं दोपहर 3 से 4 बजे तक की-नोट लैक्चर तथा सायं 4ः30 से 6 बजे तक पोस्टर सेशन का आयोजन होगा। सेमिनार का समापन शनिवार को होगा।

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