दागदार हुई पुलिस, चालक को थाने ले जाकर करंट लगाया, बीकानेर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है इलाज - Khulasa Online

दागदार हुई पुलिस, चालक को थाने ले जाकर करंट लगाया, बीकानेर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है इलाज

- बीकानेर मेडिकल कॉलेज में इलाज की मिल रही है जानकारी - आईजी जोस मोहन ने न्याय दिलाने का दिया आश्वासन खुलासा न्यूज़, बीकानेर/सादुलपुर। पुलिस की ओर से एक ट्रक चालक को बुरी तरह से पीटने और करंट लगा कर उसे बुरी तरह प्रताडि़त करने का मामला सामने आया है। इसको लेकर ट्रक चालक ने पुलिस के खिलाफ जनप्रतिनिधियों से शिकायत कर न्याय दिलाने की मांग की है। पीडि़त के अनुसार पुलिस की ओर से उसे इतनी बुरी तरह से पीटा गया है कि देखने वाले की रुह ही कांप जाए। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब एक ट्रक चालक रविवार को पूर्व सांसद रामसिंह कस्वा के आवास पर पहुंचा। यहां रतनगढ़ विधायक अभिनेश महर्षि एवं कस्वां को उसने आपबीती बताई। पुलिस के खिलाफ मामला दर्ज करवाकर कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार झुंझुंनू जिले के चिड़ावा तहसील के गांव गिदानिया निवासी ट्रक चालक विक्रम सिंह ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कस्वा और महर्षि को बताया कि 14 नवंबर को वह कोटपूतली से गंगानगर के लिए सीमेंट भरकर जा रहा था। रात 10.30 बजे तारानगर पहुंचा। यहां पुलिस ने सर्किल पर ट्रक रुकवा लिया। कागजात, बिल्टी और परमिट मांगा। वो पुलिस को दे दिए। इसके बाद पुलिस ने एंट्री फीस के नाम पर दस हजार रूपए मांगे तो देने से इनकार कर दिया। पुलिस ने ट्रक चालक को चालान काटने की धमकी दी और मारपीट शुरू कर दी। इस पर वह मोबाइल से वीडियो बनाने लगा तो मोबाइल छीनकर तोड़ दिया। उसे जीप में डाल लिया और जेब से 4 हजार 500 रूपए निकाल लिए। पीडि़त ने पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाया कि वे शराब के नशे में थे। मारपीट ही नहीं की बल्कि उसके शरीर पर करंट लगाया। जिससे उसकी तबियत खराब हो गई। घबरा गई थी पुलिस ट्रक चालक की तबियत खराब होने पर पुलिस के हाथ-पांव फूल गए थे। इस पर पुलिस चालक का अपने स्तर पर प्राथमिक उपचार कराया तथा दवाईयां व इंजेक्शन भी दिए। 15 नवंबर की शाम को उसे कोर्ट ले गए तथा एक कागज पर हस्ताक्षर करवाकर थाने ले आए। बाद में पुलिस ने उसे गाड़ी लेकर चले जाने को कहा। गायब मिले रुपए पीडि़त ट्रक चालक ने बताया कि उनकी ओर से छोड़ देने पर जब वह ट्रक को संभाला तो ट्रक से 86 हजार रूपए गायब मिले। यह राशि गाड़ी की बीमा करवाने एवं अन्य कामों के लिए ट्रक में रखी थी। पैसे भूल जाओ और चुपचाप चले जाओ आरोप लगाया कि जब पैसों के मामले में पुलिस से पूछताछ की तो पुलिसवालों ने धमकी देते हुए कहा कि पैसों को भूल जाओ और यहां से चले जाओ। जिसके बाद वह साथी संदीप के साथ घर आ गया। ट्रक मालिक ट्रक को लेकर गंगानगर चला गया। पीडि़त ट्रक चालक ने नेताओं से न्याय की मांग की है। इनका कहना है-- मैने इस संबंध में पुलिस के उच्च अधिकारियों से वार्ता कर बर्बरतापूर्ण पिटाई करने वाले पुलिसकर्मियों की जांच की मांग की है। मेडिकल बोर्ड से मुआयना करवाने एवं कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस का ये अमानवीय कृत्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।<>रामसिंह कस्वा, भाजपा नेता सादुलपुर विक्रम नामक ट्रक चालक उनसे मिला है तथा इसकी पीड़ा और मारपीट मैने अपने जीवन में नहीं देखी। पुलिस से लोग न्याय की उम्मीद करते हैं। लेकिन संवेदनशीलता की हदें पार हो गई। सरकार का जो आमजन में भय व्याप्त है वह प्रत्यक्ष देखने को मिला हैं। अपराधियों से पुलिस की साठगांठ चल रही है। कस्वा और उन्होंने डीआईजी बीकानेर को अवगत करवाया है। चालक को न्याय दिलाने की कार्रवाई की जाएगी। पीडि़त को न्याय नहीं मिला तो आन्दोलनात्मक कदम उठाने को मजबूर होंगे। -अभिनेश महर्षि, विधायक रतनगढ़ पुलिसवाले पीटते रहे और वह रहम की भीख मांगता रहा। दो बच्चें है तथा पत्नी का आठ वर्ष पहले निधन हो गया। बच्चों के भविष्य के लिए वह रोजीरोटी कमाता है। अभी हालात खराब है।- विक्रम, पीडि़त, ट्रक चालक
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