बीकानेर में चुस्की रूप में बिक रहा है मीठा जहर, वसूली का खेल कब तक! - Khulasa Online

बीकानेर में चुस्की रूप में बिक रहा है मीठा जहर, वसूली का खेल कब तक!

- संपादक कुशालसिंह मेड़तिया की विशेष रिपोर्ट खुलासा न्यूज, बीकानेर। जिले में मासूमों को खुलेआम मीठा जहर बेचा जा रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग की मिलीभगत से शहर ही नहीं गांवों में यह कारोबार तेजी से फल फूल रहा है। सूत्रों की माने तो खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी इन दुकानों से हर माह बंधी बंधाई रकम वसूलते हैं। सालों से चल रहे इस गोरखधंधे को बंद करवाने अथवा कार्यवाई करने के प्रति सम्बन्धित महकमा सामने नहीं आ रहे है।

जानकारी के अनुसार कमला कॉलोनी व इन्द्रा कॉलोनी कई मकानों में यह अवैध कारोबार लम्बे समय से फल फूल रहा है।

बीकानेर में रिकॉर्डतोड़ गर्मी पड़ रही है, जिले में 30 मार्च को दिन का अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो पिछले 12 साल में सबसे गर्म दिन रहा था। लू के थपेड़ों में बच्चों को बीमारी की सौगात देने वाली चुस्कियों की ब्रिकी परवान पर है। घटिया किस्म की यह चुस्कियां महज शहर ही नहीं गांवों में भी बड़े पैमाने पर सप्लाई की जा रही है।

इस बारे में पुख्ता जानकारी होने के बाद भी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महकमा आंखे मूंदे बैठा है। इस नाम से बिक रही है चुस्कियां एक ओर तो राज्य सरकार मिलावटखोरों के खिलाफ कार्यवाही की बातें करते है। जिला प्रशासन भी समीक्षा बैठकों के जरिये मिलावटखोरों के विरूद्व कार्यवाही के निर्देश भी देते है। परन्तु स्थिति वहीं ढाक के तीन पात वाली है। शहर में ये चुस्कियां कई नामों से बिक रही है। इसका सबसे बड़ा मार्केट फडबाजार है।

ये चुस्कियां महज एक से दो रूपये में बिक रही है। बताया जा रहा है कि शहर की छोटी छोटी गलियों में छुटभैये दुकानदार इसे बड़े धड़ल्ले से बेच रहे है। स्वास्थ्य के साथ हो रहा है खिलवाड़ शर्बत के रूप में बिक रहा ये मीठा जहर बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। इसमें खतरनाक कैमिकल के साथ सैक्रिन,डी पाउडर,नीबू सत,ऐसेन्स,सोडियम व सोढ़ा मिलाया जाता है। जो बच्चेे के गले का खराब करने के साथ साथ अन्य अंगों पर भी प्रभाव डालता है। इनके पीने के बाद बच्चों को आमतौर पर पेट दर्द,उल्टी-दस्त,गले के इन्फेक्शन,पीलिया,खंसी,जुमान जैसी बीमाारियां हो रही है।

बगैर लाईसेंस के चल रही है फैक्ट्रीयां

जानकारी मिली है कि चुस्कियों का निर्माण करने वाली फैक्ट्रीयों ने किसी प्रकार से स्वास्थ्य विभाग या संबंधित अन्य विभागों में पंजीयन नहीं करवया हुआ है। शहर के अलग अलग इलाकों में आधे दर्जन से ज्यादा अवैध रूप से चल रही इन फैक्ट्रीयों की जांच करने की जहमत भी कोई विभाग नहीं उठा रहा है।

इनका कहना है : इसमें खतरनाक कैमिकल होता है, यह स्वास्थ्य के लिए बेहद खराब है। बगैर लाइसेंस चल रही फैक्ट्रिंयों को बंद करवाया जाएगा। - डॉ.बी.एल.मीणा, सीएमएचओ, बीकानेर

------ बाजार में बिक रहे इस प्रकार के पेय पदार्थों में क्वालिटी नहीं होने के कारण कई बीमारियां हो सकती है,क्योंकि ऑर्टिफिशियल फ्लेवर के कारण शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता खत्म हो जाती है। - डॉ मुकेश बेनीवल ,शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ, पीबीएम अस्पताल, बीकानेर

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