सब इंस्पेक्ट र व तीन कांस्टेबल पर किसान से लाखों रुपए की वसूली का आरोप





हनुमानगढ़। टै्रक्टर ट्रॉली में डीजल लादकर ले जा रहे किसान से लाखों रुपए की वसूली के आरोप में टाउन थाने में निलम्बित उप निरीक्षक राजेश आर्य व तीन कांस्टेबल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। हालांकि आर्य सहित चारों पुलिसकर्मियों को जिला पुलिस अधीक्षक राशि डोगरा 24 अप्रेल को ही निलम्बित कर चुकी है। इसका कारण लोगों की शिकायतों को बताया गया था। मगर मुख्य वजह यही थी कि टाउन थाने की शेरगढ़ चौकी में प्रभारी के रूप में नियुक्त राजेश आर्य व तीनों पुलिसकर्मियों ने किसान से जबरन लाखों रुपए की वसूली की। यह मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो निलम्बन की कार्यवाही अमल में लाई गई।पुलिस के अनुसार महावीरप्रसाद जाखड़ पुत्र श्योकरणराम जाखड़ निवासी बड़ोपल तहसील पीलीबंगा ने रिपोर्ट दी कि वह 21 अप्रेल की सुबह पांच बजे अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली में एक हजार लीटर डीजल खेती कार्य के लिए लेकर जा रहा था। यह डीजल उसने राजस्थान बॉर्डर पर हरियाणा स्थित रामपुरिया फिलिंग स्टेशन, नीमला से भरवाया था। उसके साथ बस्तीराम पुत्र हेतराम जाट भी था। जब वह मोहनमगरिया गांव से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित चौराहे पर पहुंचा तो वहां खड़े शेरगढ़ चौकी प्रभारी राजेश आर्य, सिपाही महादेव, शंकरलाल व कालूराम ने रोक लिया। डीजल तस्करी का मामला बनाने का दबाव बनाते हुए रुपए देने पर छोडऩे का कहा। आरोप है कि उसने पुलिसकर्मियों को 2 लाख 20 हजार रुपए दिए तो उसे वहां से जाने दिया गया। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भादंसं की धारा 384, 419, 34 के तहत मामला दर्ज किया है। इसकी जांच डीएसपी अंतरसिंह श्योराण को सौंपी गई है।गौरतलब है कि एसपी ने 24 अप्रेल को शेरगढ़ चौकी प्रभारी एसआई राजेश आर्य के साथ चौकी के ही सिपाही महादेव, शंकरलाल और कालूराम को निलम्बित किया था। उसी दिन एसपी ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर टाउन थाने के सहायक उपनिरीक्षक बलराम सिंह को भी निलंबित कर दिया था। डीजल मामले में विभागीय जांच भादरा एएसपी को दी गई थी। इसका क्या मतलब बड़ी बात यह है कि टाउन थाने में दर्ज इस मामले की सूचना को पुलिस के नियमित प्रेस नोट में शामिल नहीं किया गया। प्रतिदिन दो सुबह व शाम को पुलिस यह प्रेस नोट जारी करती है। मगर दोनों में ही इसका कहीं कोई जिक्र नहीं था।

