सियाणा मेला मार्ग में रमक झमक ने लगाए संकेतक,हटवाए कांटे 

बीकानेर । सियाणा भैरव मेले के लिए कच्चे मार्ग में पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए रमक झमक संस्था की टीम ने हाड़ला प्याऊ से मोखड़ा गांव होते हुए सियाणा गांव तक रास्ते में रेडियम से संकेतक लगाए हैं । संकेतक के रूप में जय भैरनाथ व रमक झमक के स्टीकर लगाए गए हैं जहां खंबे या पेड़ नहीं है और रास्ता भटकने की गुंजाइश है वहां झाडिय़ों पर रेडियम टेप लगाया गया है । रमक झमक के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा भैरू ने बताया कि 4 सितंबर को सियाणा धाम में भरने वाले सियाणा भैरव मेले के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु कोलकाता,मुंबई व चेन्नई आदि शहरों से आकर बीकानेर से पैदल जाते हैं । पैदल यात्रियों की रवानगी 2 तारीख दोपहर से शुरू होगी। ओझा ने बताया कि इस बार भारी बरसात के चलते मोखड़ा गाँव के आस पास कई जगह मार्ग पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो चुका है इसलिए पैदल यात्रियों के साथ में जाने वाले वाहन हाडला की डाम्बर वाली रोड़ होकर मोखड़ा पहुंचे तो असुविधा नहीं होगी। ओझा ने बताया कि पैदल यात्रियों को हाडला प्याऊ से सियाणा तक खेतों में से होकर जाने का रास्ता है जहाँ पशुओं से सुरक्षा के लिए ग्रामीणों ने खेतों के पास करीब 14 अस्थाई गेट बना रखे हैं इन गेटों के रास्ते से ही सियाणा जाना होगा रमक झमक टीम के साथ सियाणा ग्राम पंचायत के सरपंच पति अनिल रामावत भी साथ थे, रामावत ने अपने क्षेत्र के ग्रामीणों को कृषकों को 2 तारीख से 4 तारीख तक खेतों के गेट खुला रखने का आग्रह किया और ग्रामीणों ने भी आश्वासन दिया के हुए श्रद्धालुओं की हर संभव मदद करेंगे वहीं कच्चे मार्ग में बाड़ के कांटे जगह-जगह बिखरे पड़े थे उन्हें भी रामावत ने हटाने की तत्काल व्यवस्था की । रमक झमक टीम की ओर से हेमंत सोनी ने अनिल रामावत का आभार व्यक्त किया।
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