
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में बेशर्म सिस्टम, अब तक 13 की मौत…




देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में बेशर्म सिस्टम, अब तक 13 की मौत…
खुलासा न्यूज़। देश के सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर में प्रशासनिक लापरवाही ने भयावह रूप ले लिया है। दूषित पानी की आपूर्ति से फैली उल्टी-दस्त की बीमारी ने अब तक 13 लोगों की जान ले ली है। पहले यह आंकड़ा 8 था, जो अब बढ़ गया है। करीब 300 लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं और कई की हालत गंभीर बनी हुई है। जानकारी के अनुसार 10–12 दिन पहले नगर निगम की मेन लाइन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइन में लीकेज हुआ। इस दौरान शौचालयों और आसपास की फैक्ट्रियों का गंदा पानी पीने के पानी में मिल गया, जो सीधे लोगों के घरों तक पहुंचता रहा। इसी दूषित पानी के सेवन से क्षेत्र में उल्टी-दस्त का प्रकोप फैल गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने प्रशासन को दो दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी आदेश दिया गया है कि सभी पीड़ितों को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाए। बुधवार को 5 और मरीजों की मौत की पुष्टि हुई। इनमें 6 माह का अव्यान साहू, जीवन बरेडे (80), अशोक पवार, शंकर भाया और सुमित्रा देवी शामिल हैं। शाम तक सामने आए 38 मरीजों में से 10 को गंभीर हालत में रेफर किया गया।
भागीरथपुरा सब्जी मंडी के पास रहने वाले सुनील साहू ने बताया कि उनकी शादी 2014 में हुई थी। एक 10 साल की बेटी के बाद 11 साल बाद बेटे अव्यान का जन्म हुआ। मात्र 6 माह के अव्यान को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। मां साधना ने बताया कि निजी क्लीनिक में दिखाने के बाद भी उसकी हालत बिगड़ती गई। 29 दिसंबर की रात वह जोर-जोर से रोने लगा। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। कई दिनों से घर में गंदा पानी आ रहा था, जिसे दूध में मिलाकर बच्चे को पिलाया जा रहा था।
आनंद ने बताया कि 10 दिन पहले पानी की मेन टंकी में दवा डाली गई थी। इसके बावजूद 18 दिसंबर को उनके पिता जीवन बरेडे की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें अरबिंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 28 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। परिवार के अन्य सदस्य भी बीमार हैं। भागीरथपुरा निवासी अशोक पवार की 25 दिसंबर को उल्टी-दस्त से मौत हो गई। उनके बेटे रवि ने बताया कि पिता तीन दिन से बीमार थे। 23 दिसंबर को अरबिंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। इमलीगली निवासी शंकर भाया (70) की 31 दिसंबर को क्लॉथ मार्केट अस्पताल में मौत हो गई। वहीं बिहार से बेटे से मिलने भागीरथपुरा आई सुमित्रा देवी (50) की 21 दिसंबर को उल्टी-दस्त से मौत हो चुकी थी।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पीड़ितों के समुचित इलाज, मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।




