सरोज भाटी ने सामाजिक विद्रूपताओं के विरुद्ध अधिकारपूर्वक चलाई कलम तीन पुस्तकों का हुआ विमोचन - Khulasa Online

सरोज भाटी ने सामाजिक विद्रूपताओं के विरुद्ध अधिकारपूर्वक चलाई कलम तीन पुस्तकों का हुआ विमोचन

बीकानेर। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. मदन केवलिया ने कहा कि सरोज भाटी की रचनाएं हमारे जीवन के इर्द-गिर्द की रचनाएं हैं। यह सरल, सहज, सार्थक और सारगर्भित होने के साथ गूढ़ अर्थ लिए हैं। डॉ. केवलिया शनिवार को जुबली नागरी भंडार में वरिष्ठ लेखिका सरोज भाटी की तीन पुस्तकों के विमोचन कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे। मुक्ति संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम में डॉ. केवलिया ने कहा कि सरोज भाटी ने सामाजिक विद्रूपताओं के विरुद्ध अधिकारपूर्वक कलम चलाई है। इनकी  रचनाओं में भक्ति और शक्ति का संगम है सौंदर्य भाव का बोध करवाती रचनाएं बेहतरीन बन गई हैं।
मुख्य अतिथि के रुप में बोलते हुए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक हरिशंकर आचार्य ने कहा कि सरोज भाटी के लोक संस्कृति दोहा संग्रह 'शब्द सार सहस्र धार' का एक-एक दोहा अपने आप में परिपूर्ण है। इनके कहानी संग्रह की एक-एक कथा संदेशपरक है। इनमें जीवन दर्शन है तो टूटते आदमी को झकझोरने का माद्दा भी है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. रेणुका व्यास 'नीलम' ने कहा कि भाटी ने आधी दुनिया की प्रतिनिधि रचनाकार के रूप में अपनी गहरी छाप छोड़ी है। इनके लेखन में समर्पण और शब्द साधना स्पष्ट झलकती है। इन पद्य रचनाओं में लयबद्धता सबसे बड़ी खूबी है।
मुक्ति संस्थान के सचिव तथा वरिष्ठ साहित्यकार राजेंद्र जोशी ने कहा कि उम्र के आठवें दशक में साहित्य सृजन करना प्रेरणादाई है। भाटी का रचना संसार अनुभव की चाक पर पका हुआ है। इनकी साहित्यिक रचनाओं में परिपक्वता देखने को मिलती है।
इससे पहले अतिथियों ने सरोज भाटी के दोहा संग्रह 'शब्द सार सहस्र धार' कविता संग्रह 'अनुभूति' तथा कहानी संग्रह 'मुकुंदमणि' का विमोचन किया। डॉ. कृष्णा आचार्य तथा राजाराम स्वर्णकार ने इन पुस्तकों पत्र वाचन किया। लोकार्पण समारोह के दौरान लेखिका सरोज भाटी का अभिनंदन किया गया । अभिनंदन पत्र का वाचन साहित्यकार डॉ अजय जोशी ने किया ।
लोकार्पण समारोह में लेखिका ने लेखकों को पुस्तकें भेंट की गयी ।
 कार्यक्रम का संचालन डॉ. मोहम्मद फारुख चौहान ने किया। गिरिराज पारीक  ने आभार जताया।
 कार्यक्रम में एडवोकेट महेन्द्र जैन, डॉ प्रशांत बिस्सा, संजय पुरोहित , चन्द्रशेखर जोशी, कमल रंगा,  डॉ बसंती हर्ष,नदीम अहमद नदीम, शरद केवलिया, मईनुदीन कोहरी, विष्णु शर्मा,  डॉ गौरीशंकर प्रजापत, सरदार अली पडिहार, पी आर भाटी,एन डी रंगा , प्रमिला गंगल, इन्द्रा व्यास, गिरिराज पारीक,  जुगल पुरोहित, दिलीप भाटी, ऋषि अग्रवाल, हरीश बी शर्मा, अशफाक कादरी, डॉ नासिर जैदी, नागेश्वर जोशी,
 बी एल नवीन, शिवकुमार शर्मा,  नेमचंद गहलोत, आत्मा राम भाटी, भगवती प्रसाद पारीक, नीतू बिस्सा, तुलसीराम सहित अनेक महानुभावों ने शिरकत की ।
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