REET का रिजल्ट: पेपर लीक की SOG जांच जारी, कोर्ट की भी छुट्टियां; एक्सपर्ट बोले- जल्दबाजी से बढ़ी शंका - Khulasa Online

REET का रिजल्ट: पेपर लीक की SOG जांच जारी, कोर्ट की भी छुट्टियां; एक्सपर्ट बोले- जल्दबाजी से बढ़ी शंका

खुलासा न्यूज, बीकानेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 26 सितम्बर को हुई रीट परीक्षा का रिजल्ट डिक्लेयर कर सभी को चौंका दिया है। परीक्षा से डेढ़ घंटे पहले पेपर लीक का खुलासा एसओजी पहले ही कर चुकी है। अभी एसओजी की जांच पूरी नहीं हुई, लेकिन परीक्षा के 36 दिन में ही बोर्ड ने रिजल्ट जारी कर दिया। सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है। इससे कई आशंकाएं अभ्यर्थियों, बेरोजगार युवाओं, सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स और केस लड़ रहे वकीलों के मन में पैदा हो गई हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खुद रीट भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद ट्वीट कर परीक्षा में सफल हुए सभी कैंडिडेट्स को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।  शिक्षा राज्यमंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने भी मुख्यमंत्री के ट्वीट को ही रिट्वीट कर मैसेज देने का काम किया है। ताकि पब्लिक में यह संदेश जाए कि मुख्यमंत्री से पूरी तरह बातचीत होने और उनकी मंजूरी के बाद ही सरकार ने रिजल्ट जारी करवाया है।रीट 2021 का रिजल्ट हाईकोर्ट में केस पेंडिंग रहने तक रोकने, केन्द्रीय एजेंसी से जांच करवाने जैसी मांगों की याचिकाएं पेंडिंग हैं। 10 और 11 नवम्बर 2021 को इनकी अगली सुनवाई होनी है। फिलहाल कोर्ट में दिवाली की छुटि्टयां हैं। बेरोजगारों, एक्सपर्ट्स और केस लड़ रहे एडवोकेट्स को संदेह है कि रिजल्ट पर रोक लगने की आशंका में सरकार ने जल्दबाजी और हड़बड़ी में रिजल्ट जारी करवा दिया है, जिसे कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। कम्प्यूटर विषय के एक्सपर्ट संजय कुमार ने दैनिक भास्कर से कहा कि रीट की परीक्षा के प्रश्नों में त्रुटि (ERROR) की आपत्तियां मांगी गईं थीं। इसमें बहुत कम समय दिया गया। जिस दौरान विद्यार्थी अन्य भर्ती परीक्षा में व्यस्त थे। हर एक ऑब्जेक्शन पर 300 रुपए का पेमेंट रखा गया। कैंडिडेट्स को 26 अक्टूबर की रात तक का ही समय दिया। इसके कारण कम ही आपत्तियां दर्ज हो पाईं। आपत्तियां आने के हफ्तेभर के अंदर ही परिणाम जारी होना चौंकाने वाला है। रीट परीक्षा में धांधली और पेपर आउट के आरोप के मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। इतनी जल्दी परिणाम जारी करने का कारण क्या है। क्या सरकार बोर्ड से जल्द परिणाम जारी करवा कर कैंडिडेट्स के मन में आशंकाओं को दबाने की कोशिश तो नहीं कर रही है, यह भी प्रश्न खड़ा हो गया है।

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