
गैंगस्टर लॉरेस विश्नोई के कुख्यात गुर्गे ऋतिक बॉक्सर को बीकानेर लेकर आए




गैंगस्टर लॉरेस विश्नोई के कुख्यात गुर्गे ऋतिक बॉक्सर को बीकानेर लेकर आए
बीकानेर (नसं)। गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई के कुख्यात गुर्गे ऋतिक बॉक्सर को गंगाशहर थाना पुलिस प्रॉडेशन वारंट केजरिये अजमेर हाई सियोरिटी जेल से गिरफ्तार कर लाई है। जानकारी में रहे कि हार्डकोर अपराधी ऋतिक बॉसर के खिलाफ बीकानेर के कई पुलिस थानों में अपराधिक प्रकरण दर्ज है। फिलहाल ऋतिक को नया शहर थाने में दर्ज दो साल पुराने अपराधिक मामले में गिरतार किया गया है। सीआई गंगाशहर परमेश्वर सुथार ने बताया कि आरोपी ऋ तिक ठाकुरवानी उर्फ बाक्सर पुत्र किशन चंद निवासी मालवीय नगर जयपुर को अजमेर की हाई सियोरिटी जेल से प्रोटेशन वारंट पर गिरतार किया है। ऋतिक हार्डकोर अपराधी है, इसलिये थाने में उसकी सुरक्षा के लिये हथियार बंद जवानों का जाता तैनात किया गया और शुक्रवार अपरान्ह उसे कड़े सुरक्षा बंदोबश्तों के बीच न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा के तहत बीकानेर सैंट्रल जेल भिजवा दिया गया है। जानकारी में रहे कि ऋतिक बॉक्सर को पुलिस कमिश्नरेट की स्पेशल टीम ने 18 मार्च 2023 को नेपाल बॉर्डर पर पकड़ा था। जिसे करीब पखवाड़े भर तक रिमांड पर रखने के कड़ी सुरक्षा के बीच अजमेर हाई सियोरिटी जेल दिया। जयपुर में बीकानेर के कारोबारी से भी वसूली थी रंगदारी जानकारी में रहे कि साल 2021 में बीकानेर के एक कारोबारी से जयपुर के कालवाड़ इलाके में धमकी देकर वसूली गई 20 लाख रूपये कर रंगदारी में ऋतिक बॉक्सर का नाम सामने आया था। बताया जाता है कि वसूली की यह साजिश लॉरेंस गैंग के ऋतिक बॉसर, रोहित गोदारा और राजू सिंह ने मिलकर रची थी। साजिश के तहत इन्होने बीकानेर के कारोबारी का अपहरण कर 20 लाख रुपये वसूले थे। बताया जाता है कि गैंगस्टरों के खौफ से पिडि़त कारोबारी ने पुलिस को रिपोर्ट नहीं दी। बाद घटना का पता चलने पर कालवाड़ पुलिस ने पीडि़त कारोबारी को विश्वास में लेकर हिमत दिलाई. तब केस दर्ज कर आरोपियों को नामजद को नामजद कर उनकी धरपकड़ की गई थी, लेकिन ऋतिक बॉक्सर बचकर भाग निकला था। थाने में चल गई थी गोली कुख्यात गैंगस्टर रितिक बॉसर की पुलिस कस्टडी से जुड़ी एक घटना भी खासी सुर्खियों में रही थी। जानकारी के करीब दो साल पहले ऋतिक जब हनुमागढ़ टाउन थाना पुलिस की कस्टडी में था, उस दौरान लॉक के बाहर नहाते वक्त उसकी सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल राकेश ढाका की बंदूक से गोली चल गई थी। गनीमत रही कि बंदूक की नली ऊपर की तरफ की थी. इसलिए गोली हवा में ऊपर चली गई। बाद इस घटना की हुई जांच के दौरान खुलासा हुआ कि ऋतिक की सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल राकेश जब अपनी ही बंदूक को संभाल रहा था, इसी दौरान भूलवश ट्रिगर दब जाने से गोली चल गई थी। छोटी उम्र में बन गया बड़ा अपराधी हनुमानगढ़ जिले के रहने वाले रितिक बॉक्सर पर 20 साल की उम्र में ही 8 संगीन मामले दर्ज हो गए। इस उम्र में युवा अपना करियर सवारने की जुगत करते हैं, रितिक बाक्ॅसर ने उम्र के उस पड़ाव पर
जरायम की दुनिया का रुख कर लिया। रितिक बॉसर को लॉरेंस बिश्नोई गैंग में फस्ट रेंक मेंबर माना जाता है। बताया जाता है कि लॉरेंस के छोटे भाई अनमोल विश्नोई ने ही इस गैंग में उसे दाखिल करवाया था। अनमोल विश्नोई और रितिक बॉसर एक दूसरे के नजदीकी दोस्त हैं।



