बीकानेर / प्रमोद शर्मा को लूणकरणसर का ‘राजस्थानी सेवा सम्मान’

  खुलासा न्यूज़ , बीकानेर । राजस्थानी भाषा, साहित्य और संस्कृति के रंग अनूठे हैं। हर जने को राजस्थानी की पैरवी करनी चाहिए, तभी राजस्थानी भाषा आगे बढ़ेगी। यह विचार राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण व्यास ने 'राजस्थानी युवा लेखक महोत्सव' के दौरान व्यक्त किए। इस मौके पर 'सरोकार' लूणकरणसर एवं नानूराम संस्कर्ता राजस्थानी साहित्य सम्मान समिति की ओर से आखर संयोजक और ग्रासरूट मीडिया के फाउंडर, प्रमोद शर्मा को 'राजस्थानी सेवा सम्मान' से नवाजा गया। सरोकार से जुड़े राजूराम बिजारणियां, डॉ.हरिमोहन सारस्वत 'रूंख', छैलदान चारण 'छैल', कमलकिशोर पीपलवा, देवीलाल महिया, पूनम गोदारा, राजदीपसिंह इंदा ने शर्मा को सम्मान-पत्र अर्पित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष अधिकारी फारूख आफरीदी ने कहा खुशी की बात है कि नई पीढ़ी मायड़ भाषा को अपना रही है इसी बलबूते राजस्थानी भाषा आगे बढ़ेगी। जवाहर कला केंद्र की अतिरिक्त महानिदेशक अनुराधा गोगिया ने ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन को महत्वपूर्ण बताया। समारोह के दौरान ग्रासरूट मीडिया के फाउंडर, प्रमोद शर्मा ने कहा आखर के इस कार्यक्रम की श्रंखला जारी रहेगी। भविष्य में संभाग स्तर पर भी राजस्थानी भाषा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इससे पूर्व संध्या पर राजस्थानी कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें दर्जन भर कवियों ने अपना काव्य पाठ किया।
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